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कोरोना की दहशत, 73 साल में पहली बार रंगपंचमी पर रंग बरसाते नहीं निकली गेर

BySurendra Jain

Mar 14, 2020

इंदौर। करोना वायरस के चलते रंगों के त्यौहार रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर को प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। रंग बरसाने के लिए टैंकरों पर मिसाइलें कस गई थी, वहीं हजारों किलों गुलाल भी आ चुका था। यह 73 साल से निकाली जा रही गेर परंपरा में पहला मौका है, जब गेर नहीं निकली। संगम कार्नर की गेर में शामिल होने बरसाने से कलाकार आ चुके थे तो मारल क्लब ने खंडवा से रामराज्य ढोल की टीम को वापस लौटाया।
यह पहला मौका जब नहीं निकल रही गेर
– टोरी कार्नर रंगपंचमी समिति के शेखर गिरि का कहना है कि दिनभर प्रशासन के लोग मार्ग का मुआएना करते रहे और रात को गेर निकालने देने से इनकार कर दिया। पानी के टैंकर आकर खड़े है। 150 बोरी गुलाल आ गया है। मिसाईले टैंकरों में कस दी है। जिन लोगों के संसाधनों का उपयोग होना था उनको पैसे दे दिए है।
लट्टमार होली के लिए कलाकार आ गए थे
संगम कार्नर चल समारोह समिति के कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि प्रशासन के आदेश के बाद अब गेर नहीं निकाली जाएगी। हालांकि हमने गेर की सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। 4 हजार किलों गुलाल और फूल तैयार था। 250 मेहमान भी आए थे। डीजे साउंड की गाडिया आ गई थी। लट्मार होली के लिए बरसाना से कलाकार भी आ गए थे।
खंडवा से लौटाया रामराज्य ढोल
मॉरल क्लब के अभिमन्यु मिश्रा ने बताया कि 100 सदस्यी रामराज्य ढोल खंडवा तक आ गया था। गेर के निरस्त होने के बाद उन्हें वहीं से वापस लौटाया गया। कार्यकर्ताओं के लिए खाने के पैकेट भी बन गए थे। ट्राले, टैक्टर और अन्य वाहन भी पहुंच गए थे। तैयारियां पूरे होने के बाद सबके हित को ध्यान में रखते हुए गेर निरस्त करने के फैसले में सहमति दी।
इन्होंने पहले निकालने से मना कर दिया था
हिंद रक्षक संगठन : हिंद रक्षक संगठन ने राधाकृष्ण फाग यात्रा पहले ही रद्द कर दी थी। संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ और राजसिंह गौड़ ने बताया कि इसबार कोरोना के चलते इस बार फाग यात्रा नहीं निकाली जा रही है। सिर्फ नृसिंह बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिर पर पूजन और आरती की जाएगी। इसके बाद श्रीनाथ जी के रथ को रणजीत हनुमान मंदिर पर रखकर पूजन अर्चन और फाग गीतों का आयोजन होगा।
राधाकृष्ण रासरंग फाग यात्रा : बाणगंगा क्षेत्र में निकलने वाली राधा कृष्ण रासरंग फाग यात्रा इस बार कोरोना वायरस फैलने की आशंका के चलते पहले ही निरस्त कर दी गई थी। यात्रा संयोजक गोलू शुक्ला कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वयं होली नहीं मनाने और केंद्र सरकार द्वारा भीड़ से बचने की एडवाईजरी जारी करने के कारण निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।

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