भोपाल। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 19 मंत्री और विधायकों ने अपना इस्तीफा ई-मेल के जरिए विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को भेजे हैं। इनमें 6 मंत्री इमरती देवी, तुसलीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, डॉ. प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसौदिया और प्रद्युम्न सिंह तोमर भी शामिल हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ट्वीट कर कांग्रेस से इस्तीफा दिए जाने की बात सामने आने के बाद इन्होंने तुरंत अपना भी इस्तीफा भेज दिया। इसके बाद कमलनाथ सरकार पर बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के बेटे बेंगलुरु में मप्र के सभी मंत्री-विधायकों की आव-भगत में विशेष रूप से तैनात किए गए हैं। सोमवार को मंत्री-विधायक समेत 10 लोगों को एक साथ चार्टर प्लेन के जरिए दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचाया गया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा देते ही मध्य प्रदेश में उनके समर्थकों द्वारा इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कांग्रेस से इस्तीफे शुरू हो गए हैं। शिवपुरी में कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश जैन आमोल ने अपना इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश सचिव विजय शर्मा ने भी सिंधिया के साथ होने की बात कही है। वरिष्ठ नेता राजेंद्र मजेजी ने भी अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वह ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हैं। कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ट्वीटर पर अपना स्टेटस भी बदल दिया है। शिवपुरी में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष हरशिंकर शर्मा, रमन अग्रवाल ने कांग्रेस आईटी से और करैरा ब्लॉक अध्यक्ष वीनस गोयल ने भी इस्तीफा सौंप दिया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 19 मंत्री और विधायकों ने भी दिया इस्तीफा
