भिंड । कांवरियों से भरी तेज रफ्तार कार गौरी सरोवर में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीनों कांवरियों की मौत हो गई। हादसा शुक्रवार सुबह 2:40 बजे त्रयंवकेश्वर मंदिर के सामने हुआ। प्रत्यदर्शी का कहना है तीनों लोग श्रृंगीरामपुर से कांवर भरकर लाए थे। रात में कार से परिजन उन्हें लेने के लिए आए। गौरी सरोवर किनारे त्रयंवकेश्वर मंदिर के सामने कार पार्क की गई। परिजन कार से उतर गए। इसमें कांवर भरकर आए तीनों लोग आराम करने बैठ गए।
इसी दौरान कार में सवार एक कांवरिए ने चाबी लगाई। कार स्टार्ट होकर आगे बढ़ी। कार रोकने ब्रेक लगाने के बजाए एक्सीलेटर दब गया। इससे कार तेज रफ्तार होकर सरोवर में जा गिरी। कलेक्टर छोटे सिंह, एएसपी संजीव कंचन, एसडीएम इकबाल मोहम्मद ने सर्च ऑपरेशन कर कार को बाहर निकाला। तीनों शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया है।
सरोवर में ऐसे चली गई कार
महाशिवरात्रि पर्व के लिए भारौली खुर्द गांव से बृजमोहन सिंह 50 पुत्र परमाल सिंह राजावत, चंद्रभान सिंह उर्फ लला 25 पुत्र यदुनाथ सिंह राजावत, बृजकिशोर शर्मा 22 पुत्र सत्यनारायण शर्मा गुरुवार को श्रृंगीराम पुर के लिए रवाना हुए थे। तीनों रात 1:30 बजे कांवर भरकर वापस लौटे।
गांव से रात 2+40 बजे बृजमोहन सिंह के बेटे पंकज सिंह एंडुवर कार क्रमांक एमपी 21 सीए 0084 में मां विनीता देवी, दादी रामादेवी और चंद्रभान की मां ओमवती सिंह और पत्नी सपना सिंह को लेकर गौरी सरोवर किनारे आ गए। यहां त्रयंवकेश्वर मंदिर के सामने पंकज ने कार खड़ी कर दी।
पंकज और परिजन कार से नीचे उतरकर बाहर खड़े हो गए। पंकज के पिता बृजमोहन सिंह, बृजकिशोर शर्मा थकावट दूर करने के लिए कार में बीच वाली सीट पर बैठ गए। आगे ड्राइवर सीट पर चंद्रभान सिंह बैठ गए।
चंद्रभान सिंह ने पंकज से कार की चाबी मांग ली। चाबी देकर पंकज परिजन के पास चले गए। इसी दौरान चंद्रभान सिंह ने कार में चाबी लगाई। कार स्टार्ट होकर आगे की ओर बढ़ी। कार को रोकने के लिए चंद्रभान ने ब्रेक लगाने चाहे, लेकिन गलती से पैर एक्सीलेट पर चला गया। इससे कार करीब 100 की स्पीड से सरोवर में त्रयंवकेश्वर मंदिर के सामने बने घाट की ओर घूमकर सरोवर में जा गिरी।
कार डूबते देख 100 मीटर दूर मदद मांगने दौड़ा
हादसे के वक्त भारौली खुर्द गांव निवासी प्रत्यक्षदर्शी धर्मराज सिंह 35 पुत्र रिपुदमन सिंह राजावत कार के पास ही खड़े थे। धर्मराज सिंह का कहना है कि उन्होंने लोगों को मदद के लिए पुकारा। लोग रस्से लेकर आए।
इस दौरान धर्मराज करीब 100 मीटर दौड़कर कालेश्वर मंदिर के पास पुलिस बल को मदद करने के लिए बुलाने दौड़े। धर्मराज ने ही पुलिस को सूचना दी। कार डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस बल आया। इस दौरान आसपास के लोगों ने रस्से के जरिए से कार को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी थी।
शीशा टूटते ही कार में पानी भरा, आंखों के सामने डूबी तीन जिंदगी
सरोवर में गिरी कार को निकालने के प्रयास के दौरान अंदर फंसे तीनों लोग बचाने के लिए चीख रहे थे। इस दौरान इन्होंने बाहर निकलने के लिए कार का शीशा तोड़ा। शीशा टूटते ही कार में पानी भरने लगा। इस दौरान परिजन और लोगों की आंखों के सामने तीनों कांवरियों की जिंदगी कार में भरे पानी में डूब गई। इससे तीनों की मौत हो गई।
इधर हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर छोटे सिंह, एएसपी संजीव कंचन, एसडीएम इकबाल मोहम्मद मौके पर आ गए थे। स्थानीय गोताखोर गोताखोर भोला खान, राजा खान, अमन भदौरिया और शाहिद खान सरोवर में कूदे। कार पानी में डूबती जा रही थी। क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। तीनों के शव कार में पीछे की सीटों पर मिले। शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल के डेड हाउस भिजवा दिया गया।
गौरी सरोवर में गिरी तेज रफ्तार कार, तीन कांवरियों की डूबने से मौत
