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वेतन नहीं बढ़ाने से नाराज बैंककर्मी हड़ताल पर, मध्य प्रदेश में 7 हजार बैंक रहेंगे बंद

BySurendra Jain

Jan 31, 2020

इंदौर। वेतन पुनरीक्षण समझौता वार्ता विफल होने से नाराज बैंककर्मी शुक्रवार से दो दिन हड़ताल पर रहेंगे। सार्वजनिक, राष्ट्रीयकृत और कुछ प्राइवेट बैंकों में काम ठप रहेगा। प्रदेशभर में लगभग सात हजार और इंदौर जिले में 600 बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके चलते करोड़ों रुपए का लेन-देन प्रभावित होगा। हालांकि बैंकों ने अपने-अपने एटीएम में गुरुवार को नकदी जमा कर दी है। वेतन बढ़ाने को लेकर गुरुवार को इंडियन बैंक एसोसिएशन और संगठनों के बीच हुई बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला। इसे लेकर बैंककर्मियों और अधिकारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आव्हान पर 31 जनवरी और 1 फरवरी को बैंककर्मी काम नहीं करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार की नीतियों में अब तक वेतन समझौते पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। 27 महीने से सिर्फ बैठकों का दौर चल रहा है। संगठन के संयोजक एमके शुक्ला ने बताया कि प्रदेशभर में विभिन्न बैंक की कुल 7426 शाखाएं हैं, जिनमें हड़ताल अवधि में सात हजार शाखाओं में काम नहीं होगा।
यहां के 22 हजार कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि इंदौर जिले में 600 शाखाओं के पांच हजार कर्मचारी और अधिकारी प्रदर्शन में शामिल रहेंगे। पूरे प्रदेश में दो दिन हड़ताल रहने से सात लाख करोड़ का लेन-देन नहीं होगा, जबकि जिले का आंकड़ा 1 लाख 17 हजार करोड़ बताया जा रहा है।
सांठा बाजार से निकलेगी रैली
शुक्रवार को सांठा बाजार स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने बैंककर्मी इकट्ठा होंगे। यहां से सुबह 10 बजे रैली निकाली जाएगी, जो बोहरा बाजार, सराफा होते हुए प्रिंस यशंवत रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया पर खत्म होगी। फिर बैंककर्मी प्रदर्शन करेंगे। संगठन के पदाधिकारी सभा को भी संबोधित करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक आंदोलन का दूसरा चरण मार्च में रहेगा। 11 से 13 मार्च तक फिर तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी।

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