रतलाम। मध्यप्रदेश शासन द्वारा आंगनवाड़ी में स्वेच्छिक अण्डे देने का प्रस्ताव पारित किया जाना घोर निन्दनीय है, इस तरह के प्रस्ताव के पहले सार्वजनिक जगहों पर सभी की धार्मिक भावनाओं को देखा जाना चाहिए। उक्त बात सामाजिक कार्यकर्ता महेन्द्र गादिया ने कहते हुए बताया की कई साधु संत सभी समुदाय के धर्म गुरु व अहिंसा प्रेमी समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद भी व रतलाम में भी 31 संगठनो द्वारा ज्ञापन देकर अपनी भावना मा मुख्यमंत्री महिला बाल विकास मंत्री, आदि कई के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया था प्रदेश में भी कई जगह इसका विरोध हुआ था, लेकिन सबकी भावनाओं को नजर अंदाज कर शाशन ने निर्णय लिया जिसकी हम घोर निंदा करते हैं व आदेश वापस लेने की मांग करते हैं, साथ ही उन पोष्टिक तत्वों को देने की मांग करते सिर्फ यह मिथ्या धारणा है कि अंडे ही पोस्टिक है आप सर्वे करे और प्राकृतिकखाद्य पदार्थों का भी तुलनात्मक अध्ययन करें और प्रस्ताव वापस ले उन्होंने कहा कि आगे हस्ताक्षर अभियान व आंदोलन शतत जारी रहेगा। इस अभियान को जन अभियान बनाया जाएगा। इसमें सभी समाज महिला संगठन बच्चे भी शामिल होंगे।
