– विधायक गेहलोत ने कहा केंद्र सरकार चार गुना दे मुआवजा, पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
– मुंबई-दिल्ली 8 लेन एक्सप्रेस वे में आदिवासियों की जमीन अधिग्रहण को लेकर सैलाना विधायक ने दिया ज्ञापन
रतलाम। मुंबई-नई दिल्ली 8 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए प्रदेश और रतलाम के आदिवासी क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा नहीं दिए जाने के विरोध में सैलाना विधायक ने सैकड़ों आदिवासियों के साथ रतलाम कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दिया।
प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर रूचिका चौहान को दिए ज्ञापन में विधायक हर्षविजय गेहलोत ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निदेर्शों के अनुसार जमीन से बेदखल करने के बदले किसानों को कम से कम 4 गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। वर्तमान में किसानों को जो मुआवजा दिया जा रहा है वह अन्याय है और इससे आदिवासी, किसानों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि हजारों एकड़ की भूूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा अधिग्रहित भूूमि पर शासकीय दर का मात्र दो गुना मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि उन जमीनों का भाव बाजार में शासकीय दर से 6 से 8 गुना अधिक है। कई पीढिय़ों और सैकड़ों सालों से किसान पसीनें से जमीन को सींच रहे हैं। जमीन अधिग्रहण में उचित दाम न देकर आदिवासियों का विकास के नाम पर आर्थिक एवं मानसिक शोषण किया जा रहा है। जमीन के मूल्य के अलावा परंपरागत भूमि से बेदखल किए जाने का हजार्ना भी दिया जाना चाहिए। कई राज्यों में इसी राजमार्ग के लिए 4 से 6 गुना मुआवजा दिया गया है। ऐसे में मध्यप्रदेश में आदिवासियों को मात्र 2 गुना मुआवजा देना अन्याय है। यहां भी कम से कम 4 गुना मुआवजा दिया जाए। विधायक गेहलोत ने कहा मुआवजा बढाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा ।
नहरों से सिंचित गांव को मान रहे असिंचित, तत्काल सुधार करो
ज्ञापन में बताया कि सैलाना क्षेत्र के गांव बावड़ी नाल, सागलाखो, खेरखूंटा, पुनापाड़ा, कारोलिया, रावटी क्षेत्र के डूंडी, हाड़ाखो, मौलावा, बीड़, भीमपुरा, भेतिया, खेरिया, रूंडी, खेड़ी, देवपाड़ा, सांगला का माल, गंगाय का पाड़ा, महुड़ी का माल, मरगुल को असिंचित मानकर दर तय की जा रही है, जबकि ये सभी गांव नहरों से सिंचित है। विधायक गेहलोत ने कलेक्टर से कहा मैदानी अमला सिचिंत जमीन को असिंचित दर्शा रहा है जो पूर्णत: गलत है , इसे तत्काल सुधारा जाए । विधायक ने कलेक्टर से कहा ये काम शीघ्रता से हो ताकि आदिवासियों को कोई परेशानी न हो। इस दौरान सैलाना के पूर्व नप अध्यक्ष जगदीश पाटीदार, नप अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह राठौर, सुनील पोरवाल आदि सहित आदिवासी मौजूद थे।
विधायक गेहलोत विधानसभा में भी उठाया था मामला
एक्सप्रेस वें में प्रभावित जिलें के 57 गांवो के किसानों को बाजार दर से चार गुना मुआवजा देने का मुद्दा विधायक गेहलोत ने विधानसभा में भी उठाया था। मानसून सत्र में 24 जुलाई को किसानों की आवाज बुलंद करते हुए विधायक गेहलोत ने चार गुना मुआवजा देने को लेकर शासन से जवाब मांगा था। मुआवजा वितरण में देरी को लेकर भी विधायक ने सवाल उठाया था तब सरकार ने कहा था मुआवजे के साथ 12 प्रतिशत ब्याज भी दिया जाएगा। विधायक ने आरोप लगाया पूर्ववर्ती सरकार ने जानबुझकर किसानों को अधिक मुआवजे से वंचित किया है।
एक्सप्रेस वे जमीन अधिग्रहण में आदिवासियों को नहीं मिल रहा उचित मुआवजा
