खबर पक्की: 4 अक्टूबर रतलाम, रतलाम शहर के 20 से ज्यादा बैंकों द्वारा आज सामूहिक लोन मेले का आयोजन विरिया खेड़ी क्षेत्र में किया गया था। केंद्र सरकार द्वारा देश की गिरती अर्थव्यवस्था के मद्देनजर वित्त मंत्रालय के निर्देशों का पालन करते हुए बैंकों द्वारा उक्त मेला आयोजित किया गया। उक्त मेले का उद्देश्य यही था की ज्यादा से ज्यादा तादाद में ऋण स्वीकृत किया जाए ताकि उपभोक्ता की क्रय शक्ति बड़े और बाजार में पैसा आने से गिरती अर्थव्यवस्था को मदद मिले किंतु उक्त लोन मेला महज दिखावा ही साबित हुआ जिन भी लोगों को स्वीकृति पत्र जारी किए गए उनसे पूछताछ के आधार पर यही निष्कर्ष निकलता है अधिकतर लोगों ने 15 दिन या महीने भर पहले लोन के लिए बैंक में अप्लाई किया था और उनका लोन बैंक द्वारा स्वीकृत हो चुका था और जब वह बैंक में लोन के लिए गए तो उन्हें बताया गया कि उक्त लोन मेले में इसका स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा। इस प्रकार पूर्व से स्वीकृत लोगों को उक्त मेले में स्वीकृति पत्र देकर लोन मेले की इतिश्री की गई। वैसे भी वित्त मंत्रालय द्वारा इस तरह के निर्देशों का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि बैंक में लोन हेतु काफी सारी औपचारिकताएं पूरी करना पड़ती है जोकि ऑन द स्पॉट संभव नहीं होती है और इसमें काफी वक्त लगता है और इस तरह बगैर सोचे समझे जारी निर्देशों का यही हश्र होना था।
