• Sat. Aug 15th, 2026

पश्चिमी मध्‍यप्रदेश में कई स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना

BySurendra Jain

Sep 15, 2019

भोपाल। पिछले एक सप्ताह से मध्‍यप्रदेश में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिम मप्र और उससे लगे दक्षिण-पूर्व राजस्थान पर सक्रिय हो गया है। साथ ही मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम और सीधी जिले से होकर गुजर रहा है। बारिश के कारण अनेक जिलों में स्‍कूलों में कल भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन सिस्टम के प्रभाव से सोमवार-मंगलवार को पश्चिमी मप्र में कई स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। विशेषकर मालवा क्षेत्र(मंदसौर, इंदौर,उज्जैन) के अलावा राजगढ़, श्यौपुरकला, ग्वालियर संभाग में कहीं-कहीं भारी बरसात हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के प्रवक्ता के मुताबिक पिछले 24 घंटे(शनिवार-रविवार) के दौरान प्रदेश में कुछ स्थानों पर अतिवृष्टि हुई। इसी क्रम में मंदसौर जिले में धंधड़का नामक स्थान पर 391.0 मिमी.हुई। यह इस सीजन की एक दिन में सबसे अधिक बरसात है।
इसके अलावा मंदसौर के ही सजीत में 385 मिमी., कयामपुर में 300 मिमी., सीतामऊ में 287.3मिमी., मंदसौर शहर में 218.0 मिमी. बरसात रिकार्ड की गई। इसी तरह मनासा में 243, जीरापुर में 190, आलोट में 151 मिमी. बरसात हुई। इसी तरह रविवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक गुना में 39,ग्वालियर में 26.4,रतलाम में 9,इंदौर में 7.4,उज्जैन में 6,बैतूल में 3,शाजापुर में 1 मिमी. बरसात हुई।
पांच सिस्टम अभी भी सक्रिय
एक कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व राजस्थान एवं उससे लगे उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के ऊपर बना है। साथ ही इसी सिस्टम पर हवा के ऊपरी भाग में 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा बना हुआ है। मानसून द्रोणिका जैसलमेर से कम दबाव के क्षेत्र के ऊपर से होते हुए सीधी, डाल्टनगंज, पुरुलिया से पूर्व की ओर मिजोरम से होते हुए बांग्लादेश तक गई है।
पूर्वी- पश्चिमी द्रोणिका दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से कम दबाव के क्षेत्र से होकर दक्षिण-उत्तरप्रदेश से उत्तर-पूर्व बिहार तक बना हुआ है। इसके अतिरिक्त दक्षिणी गुजरात एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में भी एक चक्रवाती हवा का घेरा बना है। ये पांच सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बरसात का सिलसिला लगातार जारी है।
भारी बारिश से बने हालात की मॉनीटरिंग कर रहे मुख्यमंत्री
प्रदेश के मालवा और भोपाल क्षेत्र सहित कई हिस्सों में जारी भारी बारिश व उससे निर्मित हालातों पर मुख्यमंत्री कमलनाथ लगातार नजर रखे हैं। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि वे भारी बारिश से उत्पन्न् हुए हालात की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्य सचिव एसआर मोहंती, प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी सहित मंदसौर, रतलाम, नीमच, आगर-मालवा, शाजापुर, दमोह, अशोक नगर कलेक्टरों से बात करके फीडबैक भी लिया। साथ ही मुस्तैदी के साथ नजर रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भारी बारिश जारी है। मंदसौर, नीमच, रतलाम, आगर, शाजापुर, उज्जैन, खरगोन, ग्वालियर, धार-झाबुआ, भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हालात खराब हैं। वे अधिकारियों से सतत संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर राहत व बचाव कार्य किए जा रहे हैं। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। संकट की इस घड़ी में पूरी सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मुस्तैदी से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट में कहा है कि पूर्व में ही नुकसान व किसानों की फसल बर्बादी को लेकर सर्वे के निर्देश दिए जा चुके हैं। लगातार बारिश से सर्वे का कार्य प्रभावित हुआ है। सरकार की तरफ से प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी। मंदसौर में बाढ़ प्रभावित 10 हजार लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है।

You missed

error: Content is protected !!