खबर पक्की: 23 जुलाई नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली मामले में 42,000 से अधिक घर खरीदारों को राहत देते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। आम्रपाली का रेरा पंजीकरण रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से कहा कि वह अधूरे फ्लैट पूरे करे। 6 महीने के भीतर लगभग पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स के घर बनाकर खरीदारों को दिए जाएंगे। इसके लिए NBCC को 8 फीसदी कमीशन मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रबंध निदेशक और निदेशकों के खिलाफ फेमा के तहत ED मामले की जांच कर, हर तीन महीने में कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करे। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा ऑथोरिटी ने इस मामले में लापरवाही की। यह सीरियस फ्रॉड हुआ है, बड़ी रकम इधर से ऊधर हुई है। इस मामले में फेमा का उल्लंघन किया गया और बिल्डर्स की सांठ-गांठ से विदेश में पैसा पहुंचाया गया।
कोर्ट ने कहा कि सीए मित्तल भी इस मामले में जिम्मेदार हैं। नोएडा अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी भी इस लापरवाही की जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने ढंग से मॉनिटरिंग नहीं की। घर खरीदारों से जमा रकम की हेराफेरी की। फोरेंसिक ऑडिट में भी कई खुलासे। फोरेंसिक ऑडिट में भी घर खरीदारों की खून पसीने की कमाई में घपले की पुष्टि हुई है।फेमा के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
आम्रपाली मामला: SC ने NBCC को अधूरे फ्लैट पूरे करने को कहा, रद्द किया रेरा रजिस्ट्रेशन, 42 हजार को मिलेगी राहत
