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जनसुनवाई में 95 आवेदनों पर सुनवाई की गई

BySurendra Jain

Jun 4, 2019

रतलाम। जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय सभाकक्ष में संपन्न हुई। इस दौरान 95 आवेदनों पर सुनवाई की जा कर संबंधित विभागों को निराकरण के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए। सीईओ जिला पंचायत सोमेश मिश्रा तथा अपर कलेक्टर सुश्री निशा डामोर ने जनसुनवाई की।
जनसुनवाई में दीनदयाल नगर के महेंद्र सिलावट ने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा विधवा महिला से शादी की गई है। उस महिला के साथ उसकी दो बच्चियां भी हैं जिनके नाम बीपीएल राशन कार्ड में जिला खाद्य विभाग कार्यालय से नहीं जोड़े जा रहे हैं ।सीईओ श्री मिश्रा द्वारा तत्काल खाद्य विभाग कार्यालय से संबंधित कर्मचारी को जनसुनवाई में बुलवाकर निर्देशित किया गया। अब दोनों बच्चियों दिशा तथा वेदिका के नाम राशन कार्ड में जुड़ जाएंगे।
रतलाम के महेश नगर की रहने वाली रजनी माली ने आवेदन दिया कि उसकी पुत्री सलोनी संत मीरा स्कूल रतलाम की पहली कक्षा में अध्ययनरत है। परंतु उसकी फीस भर पाने में वह असमर्थ है। अत: बालिका की फीस माफी करवाई जाए। आवेदन पर आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को दिशा-निर्देश जारी किए गए। शिव नगर झोपड़पट्टी की रहने वाली पूजा पति राजू उर्फ राजा राम परमार ने आवेदन दिया कि उसके पति की दुर्घटना में आई चोटों के कारण मृत्यु हो गई थी। इलाज पर भी एक लाख रूपए खर्च हुआ था। अभी स्थिति बहुत खराब है। कजऱ् चुकाना है आय का कोई साधन नहीं है। राहत सहायता दी जाए। इस आवेदन पर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रभारी अधिकारी वरिष्ठ लिपिक शाखा को दिशा निर्देशित किया गया। इसी तरह ग्राम घटवास निवासी श्रीमती सुमन कुवर ने आवेदन में उसके पुत्र की दुर्घटना में मृत्यु की जानकारी देते हुए आर्थिक सहायता की मांग की। इस आवेदन पर कार्रवाई के लिए एसडीएम को निर्देशित किया गया।
जनसुनवाई में ग्राम कोटडी के बसंतीलाल द्वारा आवेदन दिया गया कि उसकी पुत्री रीना की बीपीटी उज्जैन पैरामेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा बिलपांक में एजुकेशन लोन का आवेदन दिया गया परंतु अब तक बैंक द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया। इस कारण उसकी पुत्री की पढ़ाई करवाना मुश्किल होता जा रहा है। यहां आवेदन एसडीएम रतलाम ग्रामीण की ओर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया। रतलाम के दीनदयाल नगर की ललिता गोसर ने आवेदन दिया कि उसके द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत इंडियन बैंक से 5 लाख का ऋण स्वीकृत करवाया गया था, परंतु 9 माह बीत जाने के बाद भी आज तक बकाया ऋण राशि साढे तीन लाख रूपए नहीं दिए जा रहे हैं ,जबकि लोन की किस्त निरंतर उसके पति के वेतन से काटी जा रही है। बैंक प्रबंधक द्वारा किसी भी प्रकार की मदद नहीं की जा रही है। उनके द्वारा कहां जा रहा है कि लोन की बकाया राशि नहीं दी जाएगी। वे कहते हैं आपको जहां शिकायत करना हो कर लो ।आवेदन पर कार्रवाई के लिए जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देशित किया गया। जनसुनवाई में नगर परिषद पिपलोदा के सफाई कामगारों द्वारा भी विगत 9 फरवरी से आज तक का वेतन भुगतान नहीं होने की शिकायत की गई। यह आवेदन निराकरण के लिए सीएमओ पिपलोदा को प्रेषित किया गया।

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