Khabar Pakki 17 May Mumbai :एक मई को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हुए नक्सली हमले में 15 जवान शहीद हो गए और तब सरकार की ओर से शहीदों के परिवारवालों को आर्थिक मदद पहुंचाने की बात भी कही गई। लेकिन अब महाराष्ट्र पुलिस की ओर से सुरक्षा संबंधी बीमा यानी इंश्योरेंस रिन्यू नहीं कराए जाने के कारण 20 लाख रुपयों की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाएगी।
महाराष्ट्र दिवस के दिन गढ़चिरोली के कुरखेडा गांव की ओर जा रही क्विक रिस्पांस टीम पर हुए हमले में शहीद हुए 15 जवानों में 30 वर्षीय तौसीफ शेख़ भी शामिल थे।तौसीफ का परिवार बीड में रहता है। घर में दो बच्चे हैं। परिवार का कहना है की हमले के 15 दिन बाद भी सरकार से कोई भी उनसे मिलने नहीं आया। महाराष्ट्र पुलिस की ओर से 20 लाख रुपयों के सुरक्षा संबंधी इंश्योरेंस मिलता है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उसे रिन्यू नहीं कराए जाने के कारण अब परिवार को यह पैसा नहीं मिल पा रहा है।
राज्य सरकार अब इस मुद्दे पर कोई भी सीधा जवाब देने से बचती दिख रही है। तो वहीं गृह विभाग से जुड़े नेता को इसकी कोई जानकारी नहीं है। गृह राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि ‘मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है, हमारी सरकार शहीद के परिवारवालों को पूरी सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।किसी की गलती होने पर उनपर कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले पर राज्य के डीजीपी सुबोध जयसवाल को भेजे गए सवालों का भी कोई जवाब नहीं मिला।
गौरतलब है कि एक मई को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक बड़े नक्सली हमले में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर पुलिस की गाड़ी उड़ा दी थी। इस नक्सली हमले में 15 जवान शहीद हो गए थे। महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित जिले गढ़चिरौली में माओवादियों ने पुलिस की गाड़ी को उस वक्त निशाना बयाना था जब पुलिस की टीम उस जगह जा रही थी, जहां सुबह में ही नक्सलियों ने करीब 25 से 30 गाड़ियों को आग के हवाले किया था।
गढ़चिरौली हमले में शहीद जवानों को नहीं मिलेगा इंश्योरेंस का पैसा, महाराष्ट्र पुलिस की ओर से हुई चूक।
