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एस.पी. टी.आई. सहित जिला अभियोजन अधिकारी को कोर्ट द्वारा नोटिस, मामला केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा तलवार लहराये जाने के मामले में प्रस्तुत चार्जशीट का

BySurendra Jain

May 16, 2019

खबर पक्की: 15 मई रतलाम, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा शहर के नाहरपुरा चौराहे पर खुली तलवार लहराये जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी, माणक चौक थाना प्रभारी, और जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा षडयंत्र कर दो अलग-अलग एफ.आई.आर का एक अनुसंधान किये जाने तथा दो अलग-अलग चार्जशीट एक साथ न्यायालय में पेश कर दिये जाने के संबध्ां में फरियादी अमित कुमार पांचाल एडवोकेट द्वारा की गई आपत्ति के पश्चात् न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदय, प्रथम श्रेणी रतलाम (श्री प्रेमदीप सांकला साहब) द्वारा एस.पी. गौरव तिवारी, माणक चौक थाना प्रभारी, और जिला अभियोजन अधिकारी को सूचना पत्र जारी कर 28/05/2019 तक उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है, उल्लेखनीय है कि दिनांक 18/11/2018 को शहर के नाहरपुरा चौराहे पर नरेन्द्र सिंह तोमर ने विधायक चेतन्य काश्यप एवं अन्य भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के सहयोग से खुली तलवार लहराकर कांग्रेस का सफाया करने के संबध्ां में सम्बोधन दिया था दिनांक 18/11/2018 को जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा नरेन्द्र सिंह तोमर व उसके सहयोगीयों के खिलाफ कोई कार्यवाही न किये जाने पर अमित कुमार पांचाल एडवोकेट द्वारा 19/11/2018 को थाना प्रभारी माणक चौक, रतलाम को आवेदन पत्र देकर केन्द्रीय मंत्री के खिलाफ अपराध दर्ज किये जाने का निवेदन किया था जिसके विरूद्ध 21/11/2018 को 25 आम्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था एडवोकेट पांचाल द्वारा की गई शिकायत के बाद जिला प्रशासन की और से रिटरनिंग अधिकारी राहुल घोटे ने चेतन्य काश्यप एवं सभा के आयोजक नितिन लोढा को आचार संहिता के उल्लघंन का सूचना पत्र जारी किया था जिस पर इनके द्वारा जवाब दिया गया कि नरेन्द्र सिंह तोमर ने लकडी की तलवार निकाली थी इस जवाब से असंतुष्ट होने के बाद एस.डी.एम. राहुल घोटे ने एक दुसरी एफ.आई.आर पटवारी संदीप डबकरा के माध्यम से सभा के आयोजक नितिन लोढा के विरूद्ध धारा 188 भा.द.वि. की दर्ज करवाई थी। उपरोक्त दोनो एफ.आई.आर का अनुसंधान कानूनन अलग-अलग किया जाना था और दोनो की चार्जशीट अलग अलग पेश की जाना थी लेकिन एस पी गौरव तिवारी व जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा षडयंत्र कर नरेन्द्र सिंह तोमर व अन्य भाजपा पदाधिकारीयों को बचाने के लिये नियम विरूद्ध पत्र जारी कर दोनो एफ.आई.आर का अनुसंधान एक साथ किया गया और दो अलग-अलग चार्जशीट एक साथ न्यायालय में पेश करवाई। श्री पांचाल द्वारा दर्ज एफ.आई.आर में नरेन्द्र सिंह तोमर को आरोपी न बनाते हुए सभा के आयोजक नितिन लोढा को आरोपी बनाया गया तथा नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा लकडी की तलवार का प्रदर्शन किया जाना बताया गया । इसी तरह पटवारी संदीप डबकरा की एफ0आई0आर0 के अनुसंधान में बताया गया कि नरेंन्द्र सिंह तोमर ने लकडी की तलवार मंच से लहराई थी जो आचार संहिता का उल्लंघन है। जिला कलेक्टर रूचिका चौहान, ने न्यायालय के नाम पर दिनांक 21/11/2018 की तारिख अंकित कर नितिन लोढा के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया जबकि पटवारी संदीप डबकरा की एफ0आई0आर0 इस दिनांक को नही हुई थी, श्री पांचाल ने विचारण न्यायालय के समक्ष निवेदन किया कि सभी अधिकारीयों ने नरेन्द्र सिंह तोमर को बचाने के लिये फर्जी अभियोग पत्र पेश किया है जो प्रथम दृष्टिया कानून के विपरित है जिस पर दोषी अधिकारीयों के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही की जाना चाहिये। इस संबंध में श्री पांचाल की और से दो अलग-अलग आवेदन पत्र भी विचारण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये गये जिस पर माननीय न्यायालय ने आज एस.पी. गौरव तिवारी, जिला अभियोजन अधिकारी अनिल बादल, और थाना प्रभारी माणक चौक को सूचना पत्र जारी कर 28/05/2019 तक उनका स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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