खबर पक्की-रतलाम। बाजना बस स्टेंड से बनने वाले फोरलेन मार्ग पर दो डीपीआर बनाएं जाने की बात को लेकर विधानसभा में सैलाना विधायक हर्ष गेहलोत ने 21 फरवरी को प्रश्न उठाया था जिसके जवाब में उन्हें दी गई जानकारी के आधार पर बाजना फोरलेन संघर्ष समिति के संरक्षक पारस सकलेचा ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि इस मार्ग पर शहर विधायक द्वïारा बार-बार मिथ्या जानकारी देकर भ्रमित किया गया। जबकि यह मार्ग प्रारंभ से ही 70 फीट फोरलेन थी जबकि 104 फीट के नाम पर जनता के साथ धोखा करके उनके मकान तोड़े गए। विधानसभा तथा सूचना अधिकार में अलग-अलग डीपीआर दर्शाई गई जिससे यह स्पष्ट होता है कि मार्ग में बनाई गई डीपीआर में घपला किया गया है।
रतलाम-बाजना टु लेन में बाजना बस स्टेंड से वरोठ माता मंदिर तक की सड़क शामिल थी फिर भी 18 करोड़ के नई डीपीआर क्यों बनाई गई। एक डीपीआर 17 करोड़ 74 लाख 6 हजार व दूसरी 10 करोड़ 4 लाख 75 हजार रुपए है। दोनों डीपीआर में कुल लागत से लेकर निर्माण प्रक्रिया में सड़क की चौड़ाई व ड्राईंग भी अलग-अलग है। दोनों ही डीपीआर एज्युकेटिव इंजीनियरों के हस्ताक्षर से अलग-अलग है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि कुट रचित दस्तावेज तैयार कर विधानसभा को भ्रमित कर भ्रष्टाचार करने की कोशिश हुई है। विधानसभा में यह भी बताया कि फोरलेन प्रारंभ से 70 फीट की प्रस्तावित थी। प्रशासन ने शहर विधायक के इशारे पर 104 फीट फोरलेन बनाने के नाम पर 70 मकानों को 10 से 20 फीट तोड़ा गया तथा इस क्षेत्र में आने वाले 100 हरे-भरे वृक्षों को भी काट दिया गया। विधानसभा में यह भी जानकारी गलत दी गई कि एक भी मकान नहीं तोड़ा गया। विधानसभा में यह बताया गया कि फोरलेन का कार्य अनुबंधित संविदाकार से प्रचलित अनुबंध अनुसार संपादित कराया जा रहा है। विधानसभा में यह भी बताया कि रेलवे ओवरब्रिज हेतु ड्राइंग प्राक्कलन तैयार करने हेतु 17 करोड़ 48 लाख रुपए मांगे है राशि जमा कराना शेष है।
रेलवे ओवरब्रिज की ड्राइंग के बिना ही उसकी लंबाई-चौड़ाई और उंचाई तय नहीं हुई तथा फोरलेन का 0 पाइंट व मध्य बिंदु तय किए बिना ही सड़क बनाने का कार्य कैसे प्रारंभ किया गया। निर्माण में इतनी भारी अनियमितता राज्य धन की बर्बादी है साथ ही 70 फीट चौड़े फोरलेन मार्ग का ट्राफिक मात्र 12 फीट चौड़ी रेलवे की पुलिया से कैसे निकलेगा। सैलाना विधायक द्वारा लगाएं गए प्रश्नों के उत्तर में मिली जानकारी के आधार पर संघर्ष समिति की आंखे खुल गई। पिछले 3 साल में जिस तरह से शहर विधायक व जिला प्रशासन के सारे अधिकारी जुट बोल रहे थे जरुर इसमें ड्राइंग व राशि में गोलमाल हुआ है। संघर्ष समिति के सदस्य पारस सकलेचा ने कहा कि मामला न्यायालय में ले जाएंगे तथा जवाबदार अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध प्रकरण भी दर्ज कराएंगे। प्रेस वार्ता के दौरान सैलाना विधायक हर्षविजय गेहलोत, संघर्ष समिति अध्यक्ष अजय चत्तर, सचिव अंर्जुन पंवार सहित अनेक समिति सदस्य उपस्थित थे।
पारस सकलेचा का आरोप : विधायक के दबाव में बाजना फोरलेन को लेकर विधानसभा और हाईकोर्ट में झूठी जानकारी दी
