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जिले में पहली बार फांसी की सजा। निर्दय और कुकर्मी बाप को फांसी

BySurendra Jain

Dec 17, 2018

खबर पक्की :रतलाम। जिले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए जावरा न्यायालय ने तीन साल की मासूम के दुष्कर्म और हत्या के दोषी बाप को फांसी की सज़ा सुनाई है।
पिपलोदा थाना क्षेत्र के ग्राम कुशलगढ़ में संदिग्ध मौत के बाद पुलिस ने ही मामले का खुलासा किया था। तत्कालीन एसपी अमित सिंह के निर्देशन में एएसपी राजेश सहाय के निर्देश पर आईपीएस और तत्कालीन ट्रेनी टीआई अमित तोलानी ने जांच की थी।
अप्रैल माह में सामने आए इस मामले में पुलिस ने फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चालान पेश किया था। न्यायालय ने इसपर 8 महीने बाद फांसी की सज़ा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि यह जिले का पहला फैसला है जिसमे किसी अपराधी को फांसी की सज़ा सुनाई गई है।

जनाज़ा रोक कर पुलिस ने की थी जांच…..
23 अप्रैल को बच्ची का जनाज़ा ग्राम कुशलगढ़ में निकाला जा रहा था लेकिन मुखबिर से सूचना मिलते ही सहाय के निर्देश पर तोलानी ने टीम के साथ जनाज़ा रोक कर जांच की थी।
जांच में बच्ची से रेप के बाद हत्या का खुलासा हुआ। बाद में बच्ची के सौतेले पिता को गिरफ्तार कर लिया गया।

प्राथिमक जांच में हुआ था रेप का खुलासा….
बच्ची की प्राथमिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके प्राइवेट पार्ट्स में रक्तस्त्राव और गला दबाए जाने की बात सामने आई थी। रतलाम के तत्कालीन एसपी अमित सिंह ने प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

ऐसे खुला था मामला…..
पिपलोदा पुलिस को सुबह एक अज्ञात फोन कॉल आया जिसमें कहा गया था कि बच्ची की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और उसका अंतिम संस्कार जल्दबाजी में किया जा रहा है। जब पुलिस गांव पहुंची तो पता चला कि बच्ची को जौरा ले जाया जा रहा है, जहां उसकी मां का परिवार रहता है। पुलिस फौरन जौरा पहुंची और समय पर अंतिम यात्रा को रोक दिया गया।

पीटता था सौतेला बाप
बच्ची के शव को पोस्ट-मॉर्टम के लिए भेज दिया गया तब बच्ची की मां ने बताया कि दो दिन पहले बच्ची ने पेट में दर्द की शिकायत की थी। घटना वाले दिन जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मां ने बताया कि सौतेला पिता उसे पीटता था और गंदी नजर रखता था।

पति के डर से मायके ले गई मां …

बच्ची की मां ने घटना के लगभग आठ महीने पहले दूसरी शादी की थी। पुलिस को पता लगा था कि दो दिन पहले सौतेले पिता ने मां को कमरे में बंद कर बच्ची कि पिटाई की थी। घटना के एक दिन पहले उसने बच्ची को पीटा और उसका गला दबाया। मां ने बताया कि वह अपने पति से इतना डर गई थी कि बच्ची का शव अपने मायके में दफनाने का फैसला किया।
बच्ची के सौतेले पिता पर हत्या, सबूत मिटाने और गलत जानकारी देने का केस दर्ज किया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टf के बाद आईपीसी के तहत रेप और पॉक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।

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