देहरादून। प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के बाद भले ही लोग गुनगुनी धूप का लुत्फ ले रहे हैं, लेकिन हिमपात के बाद मुश्किलें भी बढ़ी हैं। गंगोत्री के पास धराली और यमुनोत्री के निकट फूलचट्टी के पास हाईवे बंद होने से दो दर्जन से ज्यादा गांवों को जिला मुख्यालय उत्तरकाशी समेत से संपर्क कट गया है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम साफ रहेगा, लेकिन 19 दिसंबर से इसमें फिर बदलाव आ सकता है। शनिवार को पहाड़ और मैदान में दिनभर धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में औसतन दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है।
पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर राजस्थान में भी देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों में रात के तापमान में 3 से चार डिग्री तक की गिरावट आई है। शुक्रवार रात को पवर्तीय पर्यटन स्थल माउंट आबू और फतेहपुर में पारा माइनस में चला गया। माउंट आबू में जहां तापमान -1.0 डिग्री रहा और फतेहपुर में -0.8 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी यह शीतलहर जारी रहेगी।
दो दिन से मौसम साफ रहने और धूप खिलने के बाद राज्यभर में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई तो न्यूनतम तापमान में कमी आई है। लद्दाख का द्रास राज्य में सबसे ठंडा क्षेत्र रहा। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 19.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अधिकतम तापमान माइनस 6.6 डिग्री सेल्सियस है। जम्मू संभाग में अधिकतर क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर आ गया है। न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। वहीं, मौसम साफ रहने के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से बहाल रहा।
रोहतांग दर्रे में खड़े बर्फ के पहाड़ ने लाहुल घाटी को कुल्लू से दूर कर दिया है। रोहतांग दर्रे में चार फीट से अधिक बर्फ है, जिसे देखते हुए पैदल राहगीर भी हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। रोहतांग दर्रा अब वाहनों के लिए अगले साल ही बहाल होगा। हालांकि परिस्थितयां सामान्य होने पर पैदल राहगीरों के लिए दर्रा बहाल हो सकता है। लाहुल-स्पीति प्रशासन ने कोकसर और मढ़ी में रेस्क्यू पोस्ट भी स्थापित की है।
