उज्जैन। पिछले हफ्ते बुधवार को बड़नगर-सुंदराबाद रेलवे रूट पर गश्त कर रहे आरपीएफ अमले पर हमले और एक-47 रायफल और कारतूस लूटने के मामले में उज्जैन पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने रायफल के साथ कुछ आरोपितों को हिरासत में ले लिया है।
बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की 12 टीमें लगातार क्षेत्र में सर्चिंग कर रही थीं। जांच टीम के अनुसार क्षेत्र में भेड़-बकरियां चुराने वाले मोगिया (एक समाज) बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। आईजी राकेश गुप्ता ने हथियार बरामदगी की पुष्टि की है। पकड़ाए बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद ही पुलिस औपचारिक खुलासा करेगी।
ऐसे लूटी गई थी AK-47
बता दें कि 5 दिसंबर की रात करीब एक बजे बड़नगर के पास गश्त कर रहे आरपीएफ के एएसआई कमलेश शर्मा और हेड कांस्टेबल राकेश कुशवाह से बदमाशों ने मारपीट कर रायफल लूट ली थी। इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस महकमे के होश उड़ा दिए थे। उज्जैन सहित धार और रतलाम की टीमें भी बदमाशों की तलाश में जुट गई थी। वहीं आरपीएफ भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच में जुटी हुई थी। सोमवार सुबह पुलिस ने हथियार के साथ कुछ बदमाशों को हिरासत में ले लिया।
चोरी की शंका में एक को पकड़ा था
बड़नगर रूट पर इन दिनों रेल विद्युतीकरण का काम चल चल रहा है। आरपीएफ को शिकायत मिली थी कि ट्रैक के पास रखे कॉपर वायर चोरी हो रहे हैं। इस पर गश्त बढ़ाई गई। 5 दिसंबर की रात एएसआई शर्मा और राकेश कुशवाह को गश्त के दौरान तीन संदिग्ध मिले थे। अमले को देख तीनों भागने लगे। इस पर शर्मा और कुशवाह ने एक को दबोच लिया था।
पूछताछ में उसने अपना नाम भगवानसिंह बताया था। दोनों उससे और पूछताछ कर ही रहे थे कि करीब एक दर्जन बदमाशों ने शर्मा और कुशवाह पर हमला कर उन्हें बुरी तरह पीट दिया। बदमाश हथियार और कारतूस लेकर फरार हो गए थे। बाद में दोनों को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
भेड़-बकरियां चुराते हैं आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि बदमाश क्षेत्र में भेड़-बकरियां चुराते हैं। इनमें से कुछ कॉपर वायर भी चुराने लगे थे। पकड़ाए बदमाशों में से अधिकांश मोगिया समाज से हैं। फिलहाल पुलिस उनसे और पूछताछ कर रही है।
