खबर पक्की: आज भाजपा द्वारा आयोजित पहली चुनावी सभा नाहरपुरा पर संपन्न हुई इस चुनावी सभा में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आए थे। तोमर का स्वागत राजपूत समाज के कुछ लोगों ने किया उसमें राजेंद्र सिंह लुनेरा जो स्वयं भाजपा से जुड़े हो कर भाजपा कार्यकर्ता के रूप में जिनकी पहचान है और कुछ अन्य लोगों द्वारा स्वागत किया गया स्वागत के पूर्व संचालन कर्ता मनोहर पोरवाल ने बताया कि विधायक चेतन कश्यप के काम से प्रसन्न होकर राजपूत समाज और राजपूत करणी सेना ने चैतन्य कश्यप को सहयोग करने और समर्थन देने का वचन दिया है यह बात जंगल की आग की तरह फैली और करणी सेना के लोग तुरंत सभा स्थल पर पहुंच गए करणी सेना के सुरेंद्र सिंह भाटी अजय पांडे यादवेंद्र सिंह ने सभा समाप्ति के पश्चात संचालन कर्ता मनोहर पोरवाल को घेर लिया मनोहर पोरवाल ने कहा कि मुझे कुछ लोगों ने बताया था कि वह करणी सेना से है इसलिए मैंने बोल दिया, यह मेरी गलती है कि मैंने कोई उनसे लिखित में पत्र वगैरह कुछ नहीं लिया और इसलिए मैं क्षमा चाहता हूं काफी देर दोनों के बीच वाद-विवाद चलता रहा लेकिन फिर मनोहर पोरवाल की माफी को स्वीकार कर करणी सेना व राजपूत समाज के लोग वहां से चले गए यहां प्रश्न यह उठता है चेतन कश्यप वैसे ही प्रचार और हर मामले में मजबूती के साथ खड़े हैं तो फिर उनको इस तरह के तरीके अपनाने की क्या जरूरत आन पड़ी या की ये नीचे प्रबन्ध संभाल रहे लोगो की गलती है जिसके कारण मनोहर पोरवाल को माफ़ी मांगना पड़ी। चाहे जिसकी गलती रही हो काश्यप जो की भाजपा में प्रबन्ध गुरु माने जाते है के चुनावी मंच से इतनी बड़ी गलती करने वाले को माफ़ी नही मिलना चाहिए क्योंकि उसकी गलती के कारण स्वयं काश्यप ने भी उनके समर्थन की मोहर अपने भाषण की शुरुआत में लगा दी थी। वह तो अच्छा हुवा की काश्यप तोमर के साथ वहां से निकल गये थे नही तो हो सकता है की उनको भी माफ़ी माँगना पड़ सकती थी तो सोचो कितनी हास्यास्पद स्थिति हो जाती। इसलिये काश्यप को चुनाव के दौरान अधिक सतर्कता बरतनी होगी और अच्छे और अप्रिय लेकिन सच बोलने वाले लोगो को टीम में रखना चाहिये नही तो राजनीती में एक गलती पूरा कैरियर चौपट कर देती है और रतलाम वह जिला है जिसने लोकप्रिय और ईमानदार मुख्यमंत्री कैलाशनाथ काटजू और गृहमंत्री हिम्मत कोठारी जैसे दिग्गजो को पठकनी दे रखी है इसलिए काश्यप को हर छोटी गलती को भी गम्भीरता से लेना चाहिए।
