नई दिल्ली। अब अनारक्षित टिकट के लिए आपको स्टेशन में लंबी लाइनों में धक्का खाने की जरूरत नहीं होगी। एक नवंबर से पूरे देश में रेलवे के जनरल टिकट की ऑनलाइन बिक्री शुरू करने का निर्णय लिया गया है। आम यात्री अपने मोबाइल फोन से लंबी दूरी की ट्रेन में रेलवे के अनारक्षित टिकट सिस्टम (यूटीएस) से इस तरह के टिकट खरीद सकेंगे। इस एप के जरिये प्लेटफार्म टिकट और मंथली सीजन टिकट (एमएसटी) भी लिए जा सकेंगे। चार साल पहले मुंबई से इसकी शुरुआत की गई थी, लेकिन उपनगरीय रेल सेवा होने के चलते मायानगरी के अतिरिक्त और कहीं भी यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
मुंबई के बाद इस योजना को दिल्ली-पलवल और चेन्नई में शुरू किया गया था। एक वरिष्ठ रेल अधिकारी के मुताबिक, नार्थ ईस्ट फ्रंटियर और वेस्ट सेंट्रल रेलवे के अतिरिक्त 15 जोन में इस सेवा को पहले ही शुरू किया जा चुका है। अधिकारी ने बताया, ‘हम लोगों को यूटीएस मोबाइल एप का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि जब एक बार लोग इसके फायदों को जान जाएंगे तो वे ऑनलाइन टिकट ही खरीदेंगे।’
उन्होंने बताया कि इस एप में कुछ जोन नहीं थे, जिसके चलते उक्त जोन में पड़ने वाले स्टेशन के यात्री इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे। एक नवंबर से अब यह सेवा देशभर में उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले चार सालों के दौरान 45 लाख लोग इस एप में जहां पंजीकृत हुए हैं, वहीं एक दिन में इसके जरिये 87,000 टिकट खरीदे जाते हैं, जिससे रेलवे को प्रतिदिन 45 लाख रुपये की आमदनी होती है। मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा आइकन यात्री को टिकट बुकिंग के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन और लॉगिन करना होगा। एक पीएनआर पर अधिकतम चार यात्री सफर कर सकेंगे। किस स्टेशन से चलना और किस स्टेशन पर उतरना है, इससे जुड़ा जीपीएस संदेश टिकट बुकिंग के बाद आएगा। टिकट का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पेटीएम आदि से कर सकेंगे।
