जो लोकपाल चुनेगा वही रिलायंस की कंपनी में निदेशक भी होगा? अगर यह सही है तो वाकई यह कहने का वक्त है, हम करें तो क्या करें।वाह मोदी जी वाह। सितंबर महीने में लोकपाल के लिए आठ सदस्यों की सर्च कमेटी गठित की गई।इस कमेटी में अरुंधति भट्टाचार्य को भी सदस्य बनाया गया है। बिजनेस स्टैंडर्ड और कई अख़बारों में ख़बर छपी है कि अरुंधति भट्टाचार्य मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडिया लिमिटेड के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स का हिस्सा होंगी। बिजनेस टुडे ने बताया है कि अरुंधति एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर कंपनी के बोर्ड का हिस्सा होंगी।स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रमुख पद से रिटायर हुई हैं।
क्या इसी तरह से निष्पक्ष लोकपाल चुना जाएगा? क्या अरुंधति भट्टाचार्य को लोकपाल की सर्च कमेटी से इस्तीफा नहीं देना चाहिए? रिलायंस की कंपनी के स्वतंत्र निदेशक के तौर पर पांच साल तक जुड़ने वाली अरुंधति भट्टाचार्य कैसे लोकपाल सर्च कमेटी का हिस्सा हो सकती हैं? क्या सर्च कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को उन्हें कमेटी से हटा नहीं देना चाहिए या अरुंधति भट्टाचार्य को ख़ुद से इस्तीफा नहीं देना चाहिए?
साढे 4 साल हो गए हैं लेकिन अभी तक यह पता नहीं है कि लोकपाल कैसे काम करेगा इसका दफ्तर कहां होगा। कितने कर्मचारी होगे सिस्टम क्या होगा। वह तो सुप्रीम कोर्ट का बार बार तगादा था लोकपाल के गठन पर इसलिए हाय तौबा में यह सर्च कमेटी बनाई गई है ताकि आने वाले चुनाव में यह बताया जा सके कि हमने कितना बड़ा भारी काम कर दिया है।
