खबर पक्की: 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश से रोकने वाले नियम को आज सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने रद्द कर दिया। रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह नियम महिलाओं की गरिमा और उसके सम्मान के खिलाफ है मासिक धर्म के आधार पर किसी महिला के साथ भेदभाव किया जाना कतई न्यायोचित नहीं है। इस फैसले को सुनाने वालों में जस्टिस दीपक मिश्रा जस्टिस खानविलकर जस्टिस नरीमन जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा शामिल थी।
