रतलाम। अटलजी उस कड़ी के अंतिम नेता थे, जिनके न रहने पर सर्वदलीय सभा होगी। उन्हें विराट व्यक्तित्व ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। जीवन में उन्होंने कोई महत्वकांक्षा नहीं रखी। वे बहुत सरल, सहज एवं व्यवहारिक रहे। उनका राष्ट्र प्रेम अद्वितीय था। सभी दलों को साथ लेकर चलने की उनमें अद्भुत क्षमता थी। विपक्ष में रहते हुए सत्ता पक्ष की तारीफ और समय-समय पर उसे कसौटी पर कसने की कला भी उनमें गजब थी। अटलजी का दर्शन भारतीय राजनीति में सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
इन उद्गारों के साथ रंगोली सभागृह में भारतरत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी को सर्वदलों एवं सर्वसमाज की श्रद्धांजलि सभा में श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। उनका स्मरण करते हुए वक्ताओं ने देश का गौरव बढ़ाने वाले अवसरों का उल्लेख किया। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का उल्लेख करते हुए नजदीक से देखने वालों ने खुद केे गौरवान्वित होने की बात भी कही। अटलजी के कार्यकाल में हुए पोखरण परमाणु परीक्षण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नदी जोड़ों कार्यक्रम एवं बहुदलीय सरकार के कुशलतम नेतृत्व का स्मरण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश ने एक ऐसा अमूल्य रत्न खो दिया है, जिसकी पूर्ति कभी नहीं की जा सकेगी। उनके बताए मार्ग पर चलकर देश को आगे बढ़ाना ही अटलजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्रद्धांजलि सभा को नित्यानंद आश्रम एवं सनातन समाज की ओर से नर्मदानंद बाबजी, अखण्ड ज्ञान आश्रम के स्वामी देवस्वरूपानंदजी, शहरकाजी अहमद अली, गुरू सिंध सभा के ज्ञानी मानसिंह, बोहरा समाज के शेख मुर्तूजा वकील, वरिष्ठ कांग्रेस नेता फतेहलाल कोठारी, यास्मिन शैरानी, विधायक, राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष चेतन्य काश्यप, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी, महापौर डॉ. सुनीता यार्दे, विधायक मथुरालाल डामर, जितेन्द्र गेहलोत, भाजपा जिलाध्यक्ष कान्हसिंह चौहान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माधव काकानी, इस्कॉन मंदिर के बालशिप्रानाथजी, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता बहन, सिंधी समाज के आनंद कृष्णानी, सकल जैन समाज के प्रकाश मूणत, सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन के अनोखीलाल कटारिया, थोक व्यापारी संघ के मनोज झालानी, उद्योग संघ के संदीप व्यास, रेल कर्मचारी नेता गोविंदलाल शर्मा, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. अनिल वाजपेयी, चार्टर्ड अकाउण्टेंट केदार अग्रवाल, कवि एवं साहित्यकार डॉ. मुरलीधर चॉंदनीवाला, पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मौर्य, प्रेस क्लब अध्यक्ष सुरेन्द्र ललवानी, हरिनाथ द्विवेदी, नरेन्द्र जोशी आदि ने सम्बोधित किया। संचालन अब्दुल सलाम खोकर द्वारा किया गया। सभा के अंत में मौन रखकर अटलजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
भारतीय राजनीति में सदैव अविस्मरणीय रहेगा अटलजी का दर्शन
