रतलाम। डॉ. शिवमंगलसिंह सुमन स्मृति शोध संस्थान द्वारा १५ अगस्त नागपंचमी को डॉ. शिवमंगलसिंह सुमन की राष्ट्रीय चेतना एवं गोपालदास निरज के गीतों पर केन्द्रित गीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद् डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला, मुख्य अतिथि प्रसिद्ध गीतकार चन्द्रसेन (विराट) इंदौर, सारस्वत अतिथि गीतकार व पूर्व निदेशक भारत भवन भोपाल नरेन्द्र (दीपक), विशिष्ट अतिथि अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि रमेश यादव, डॉ. प्रेमलता चुटेल आचार्य एवं अध्यक्ष हिन्दी अध्ययन शाला विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
बुधवार शाम को सैलाना रोड स्थित प्रिंस पैलेस में कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथि एवं संस्था के पदाधिकारियों ने सर्वप्रथम मां सरस्वती एवं डॉ. शिवमंगलसिंह सुमन की तस्वीर पर दीपप्रज्वलित कर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नागपंचमी पर आयोजित सुमन स्मृति समारोह पर पद्मभूषण नरीज के गीतों से उनका पुण्य स्मरण किया गया। गीत संध्या में आशीष दशोत्तर, संजय परसाई (सरल), अश्फाक एवं डॉ. शोभना तिवारी ने सुमनजी, नीरजजी एवं जलजजी के गीतों को प्रस्तुत किया। सुमन स्मृति समारोह में एक पुरी पीढ़ी एवं मूर्धन्य विद्वान मंच पर उपस्थित थे।
श्री चांदनीवाला ने अपने उध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह संस्थान नगर की गौरव है और यह उत्तरोतर प्रगति करेगा। हम सब इस रचनात्मक मार्ग में एकजूट होकर एक साथ है। सुमनजी के संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
डॉ. चुटेल ने सामाजिक एवं संस्कृति पक्ष रखते हुए कहा कि साहित्य ही समाज का दर्पण होना चाहिए। हम नई पीढ़ी को कैसे संस्कारीक करे, यह हमें सोचना है और यह संस्थान के द्वारा कैसे संभव हो, यह विचार रखा।
नरेन्द्र दीपक ने कहा कि यह डॉ. सुमन शोध संस्थान राष्ट्रीय ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे ऐसा हमारा हर संभव प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि जबतक मनुष्य में संवेदना रहेगी तब तक गीत रहेगे और जब तक गीत रहेगें तबतक मनुष्यों में संवेदना रहेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित चन्द्रसेन विराट,रमेश यादव ने अपने गीतों से समारोह में समां बांधा दिया, श्रोता उनके गीत सरिमा में डूबे रहे। वहीं वरिष्ट साहित्यकार जय कुमार जलज ने कहा कि यह समारोह रतलाम में अपनी जड़े जमा चुका है। जो हमारे लिए बड़े ही गौरव की बात है। इस अवसर पर गीतकार नरेन्द्र दीपक को डॉ. शिवमंगल सिंह सुमन स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।
अतिथियों का स्वागत संस्था की निदेशक डॉ. शोभना तिवारी, अध्यक्ष रामेश्वरलाल शर्मा, संस्था के डॉ. दिनेशचन्द्र तिवारी, राजेश कोठारी, डी.एन. पंचोली, संदीप शर्मा, प्रदीप शर्मा, अशोक कदम, प्रदीप चौरडिय़ा, भारतसिंह सोलंकी, कीर्ति पंचोली, उज्जवला शर्मा आदि ने किया। इस दौरान वरिष्ठ साहित्यकार अब्दुल सलाम खोखर, सिद्दकी रतलामी, लक्ष्मण पाठक, अवध नारायण पालीवाल, प्रणेयश जैन, हरिशंकर भटनागर, रामचन्द्र अंबर, रतलाम प्रेस कल्ब अध्यक्ष सुरेन्द्र जैन, पत्रकार ऋषी कुमार शर्मा, श्री छाजेड़ भेरूलाल टाक सहित बडी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालक डॉ. शोभना तिवारी ने किया एवं आभार डॉ. दिनेशनचन्द्र तिवारी ने माना।
डॉ. सुमनजी राष्ट्रीय चेतना एवं नीरज के गीतों पर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
