Khabar Pakki : आलोट, रतलाम जिले के आलोट विधूत विभाग के कनिष्क यत्री राजेंद्र गोलीया मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार का पंचनामा बनाने पर तुले हुए हैं एक तरफ सरकार जहां किसानों मजदूरों को कम दर पर बिजली देने के लिए जी जान यत्न कर रही है उन पर बनाए गए चोरी के प्रकरण वापस लेकर मजदूरों को ₹200 मासिक बिल के कनेक्शन दे रही है वही कनिष्ठ यंत्री राजेंद्र गोलिया द्वारा किसानों के झूठे पंचनामे बना उनसे सख्ती से वसूली करने की कार्रवाई की जा रही है एक किसान नरेंद्र पामेचा ने बताया कि उसने 63 केवी की dp लगाने के लिए आवेदन दिया था तो उसको और उसके भाई के खिलाफ कोई झूठा पंचनामा पहले बनाया गया था उस पंचनामे के आधार पर रकम जमा कराने की मांग की गई इसकी शिकायत उसके द्वारा अधीक्षण यंत्री रतलाम को की गई है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का किसानों को मजदूरों को राहत देने के लिए जी भरकर कोशिश कर रहे हैं वहीं आलोट विद्युत विभाग इस तरह पंचनामें बनाकर शिवराज सरकार और खुद मुख्यमंत्री के पंचनामे बनाने पर तुले हुआ हैं। बताया जाता है कि इस तरह के अनेकों मामले आलोट क्षेत्र में है और इस तरह बनाए गए पंच नामों की सूचना किसानों को भी नहीं दी गई है
कुछ किसानों ने रतलाम कलेक्टर को भी इस मामले की शिकायत की है आलोट क्षेत्र में रोड का काम कर रही वीसीसी कंपनी के अधिकारी योगेश राणा ने भी कलेक्टर को राजेंद्र गोलियां के खिलाफ शिकायत की है बताया जाता है कि उक्त मामले में ₹900000 का पंचनामा बनाया गया था कंपनी की शिकायत पर राशि कम करके ₹400000 भरवाए गए और काम करने के एवज में ऊपर से राशि की मांग की गई योगेश राणा ने कहा कि उसके पास कई लोगों के सबूत है इसमें फर्जी तरीके से पंचनामा बनाकर लोगों को डराया धमकाया गया और ऊपर से राशि मांगी गई सूचना के अधिकार में मांगी गई जानकारी से ऐसे कई मामले पकड़ में आए हैं बताया जाता है कि आलोट में श्रीनाथ कॉलोनी में राजेंद्र गोलिया द्वारा बगैर एस्टीमेट बनाएं कनेक्शन दे दिया गया और इस तरह कॉलोनाइजर को फायदा पहुंचाया गया इस तरह नियमों को ताक में रखकर भी आलोट विद्युत विभाग में कार्य चल रहा है बताया जाता है कि कनिष्ठ यंत्री राजेंद्र गोलिया पर आधा दर्जन से ज्यादा मामले अदालत में चल रहे हैं इसमें भ्रष्टाचार के गंभीर मामले भी है तमाम मामलों के विचाराधीन होने के बावजूद राजेंद्र गोलियां विद्युत मंडल में महत्वपूर्ण पोस्ट पर काम कर रहे है इससे साफ पता चलता है कि उनकी ऊपर तक पकड़ है और यही कारण है कि सरकार की मंशा के खिलाफ पंचनामा बनाकर सरकारी योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं और खुद सरकार का पंचनामा बना रहे हैं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आला अधिकारी और जिला कलेक्टर का रूख आने वाले समय में इनके कार्यकलाप पर किस प्रकार रहता है देखने लायक होगा।
