खबर पक्की, 9 अक्टूबर, रतलाम। रतलाम में राजस्व कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर पटवारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। स्वामित्व योजना और फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर 12 पटवारियों को दीर्घ शास्ति के आरोप-पत्र जारी करने, पांच परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त करने और कई पटवारियों को अंतिम चेतावनी देने के बाद अब कलेक्टर अजय कटेसरिया ने रिश्वत से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में तीन पटवारियों को निलंबित कर दिया है। लोकायुक्त पुलिस उज्जैन द्वारा दर्ज इन प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति जारी होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
निलंबित पटवारियों में रमेश बैरागी, प्रभुकुमार गरवाल और प्रवीण कुमार जैन शामिल हैं। तीनों के विरुद्ध रिश्वत मांगने अथवा अवैध राशि प्राप्त करने के आरोपों को लेकर लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने ट्रैप की कार्रवाई की थी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए थे।
सीमांकन रिपोर्ट के लिए 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
पटवारी हल्का क्रमांक 5, ग्राम पंचेड़, टप्पा नामली, तहसील रतलाम ग्रामीण में पदस्थ रमेश बैरागी के विरुद्ध ग्राम पंचेड़ निवासी गोपाल उपाध्याय ने शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, भूमि सीमांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और संबंधित शासकीय कार्य के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत में 40 हजार रुपये रिश्वत के रूप में प्राप्त करने का आरोप भी लगाया गया। मामले में लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने ट्रैप की कार्रवाई कर अपराध पंजीबद्ध किया था।
सीमांकन रिपोर्ट और पंचनामा देने के लिए 4 हजार रुपये मांगने का आरोप
पटवारी हल्का क्रमांक 24, ग्राम किटखेड़ी, तहसील ताल में पदस्थ प्रभुकुमार गरवाल के विरुद्ध किशनलाल आंजना ने शिकायत की थी। आरोप है कि उनके पिता की भूमि के सीमांकन की रिपोर्ट और पंचनामा उपलब्ध कराने तथा संबंधित शासकीय कार्य के लिए चार हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने 14 मई 2025 को ट्रैप की कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किया था।
भूमि डायवर्जन की कार्रवाई के लिए रिश्वत मांगने का आरोप
पटवारी हल्का क्रमांक 28, ग्राम खेड़ाखेड़ी, तहसील जावरा में पदस्थ प्रवीण कुमार जैन के विरुद्ध जावरा निवासी श्यामु बाई बलाई ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, ग्राम बामनखेड़ी स्थित भूमि के डायवर्जन संबंधी कार्रवाई के लिए संपर्क करने पर छह हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। इस मामले में भी लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप की कार्रवाई कर अपराध दर्ज किया था।
निष्पक्ष जांच के लिए निलंबन
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तीनों मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी करने के बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में संबंधित पटवारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की कार्रवाई निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। तीनों मामलों में आरोपों पर अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
राजस्व अमले पर प्रशासन की सख्ती
स्वामित्व योजना को लेकर चल रहे टकराव के मध्य पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई है। स्वामित्व योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और कार्यों में लापरवाही के मामलों में विभागीय कार्रवाई की गई है। 12 पटवारियों को दीर्घ शास्ति के आरोप-पत्र जारी किए गए हैं, जबकि पांच परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। इसके अलावा कई पटवारियों को अंतिम चेतावनी पत्र भी जारी किए गए हैं।
पटवारियों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी, रिश्वत के तीन मामलों में पटवारी निलंबित, अभियोजन स्वीकृति के बाद कलेक्टर का एक्शन, स्वामित्व योजना में लापरवाही पर 12 पटवारियों को दीर्घ शास्ति के आरोप-पत्र, 5 परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त, कई को अंतिम चेतावनी,अब रिश्वत के मामलों में भी कार्रवाई
