खबर पक्की, 9 अक्टूबर, रतलाम। चोरी करने से पहले हाथ में मन्नत का धागा बांधना, वारदात को अंजाम देने के बाद मन्नत पूरी होने पर उसे उतारना और करीब 18 साल तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहने का दावा! रतलाम पुलिस ने चड्डी-बनियान गैंग से जुड़े ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी कहानी में अपराध के साथ मन्नत लेने और गांव में लगाई गई कथित भारी-भरकम पेनल्टी का दिलचस्प पहलू भी सामने आया है। पुलिस ने चोरी की वारदातों में कथित रूप से शामिल तीन आरोपियों और चोरी का माल खरीदने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी अभी फरार है।
एसपी अमित कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को पुराने पुलिस कंट्रोल रूम पर एएसपी राकेश पंद्रो ने पत्रकार वार्ता में इस पूरे मामले का खुलासा किया। इस दौरान सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, आईए थाना प्रभारी अमित कोरी और दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव भी मौजूद रहे।
एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि गुजरात के दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े ये आरोपी पिछले करीब आठ महीने से रतलाम की अलग-अलग कॉलोनियों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। आरोपियों को पकडऩे के लिए की गई कार्रवाई के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया को सिर में चोट भी लगी। पुलिस अब आरोपियों से चोरी की अन्य वारदातों और उनके संभावित सहयोगियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
चोरी से पहले मन्नत का धागा, वारदात के बाद उतारने का दावा
इस मामले में सामने आई जानकारी का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपियों की कथित मन्नत है। बताया जा रहा है कि आरोपी चोरी की वारदात करने से पहले मन्नत का धागा बांधते थे। चोरी करने के बाद मन्नत पूरी होने पर धागा उतारते थे।
18 साल से पुलिस की पकड़ में नहीं आने का दावा
आरोपियों के संबंध में यह भी जानकारी सामने आई है कि वे करीब 18 साल से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। हालांकि, इस अवधि में किन-किन मामलों में उनकी संलिप्तता रही और अलग-अलग स्थानों पर उनके खिलाफ कितने प्रकरण दर्ज हैं, यह जांच का विषय है। रतलाम पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
बेटे पर मुखबिरी के आरोप में 50 लाख की पेनल्टी, रकम चुकाने के लिए चोरी करने की बात
मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू आरोपियों में से एक के परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक आरोपी के बेटे पर गांव में पुलिस की मुखबिरी करने के आरोप में 50 लाख रुपये की पेनल्टी लगाए जाने की बात सामने आई है। दावा है कि इस कथित पेनल्टी की रकम चुकाने के लिए भी आरोपी चोरी की वारदातों में शामिल हो रहा था। पुलिस पूछताछ में सामने आए इस पहलू की पुष्टि और इससे जुड़े तथ्यों की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
गुजरात के दाहोद से जुड़े चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, रतलाम में चोरी की लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देश पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने जांच शुरू की थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गुजरात के दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र के संदिग्धों की तलाश की गई। पूछताछ और आगे की कार्रवाई में आरोपियों की कथित संलिप्तता सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में कालू पिता भीमा उर्फ भीमजी, नभला पिता भीमा उर्फ भीमजी और मालाभाई पिता जोटाभाई उर्फ जोर सिंह मावी शामिल हैं। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने के आरोप में 74 वर्षीय मणिशंकर उर्फ पोपटलाल पिता केशवलाल पांचाल को भी गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी दाहोद गुजरात के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान चोरी का माल मणिशंकर उर्फ पोपटलाल को बेचने की जानकारी मिली थी। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे भी गिरफ्तार किया गया।
सोने-चांदी के आभूषण और नकदी जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से 1 किलो 200 ग्राम चांदी, 40 ग्राम सोने के आभूषण और 9 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। जब्त सामग्री का संबंधित चोरी के मामलों से संबंध स्थापित करने के लिए विवेचना जारी है। इस मामले में संजयभाई पिता दलसिंह मावी, निवासी वाडवा, थाना जैसावाड़ा, जिला दाहोद (गुजरात) फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस टीम की कार्रवाई, सीएसपी को लगी चोट
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पन्द्रो और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। बदमाशों को पकडऩे के दौरान सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के सिर में चोट लगने की जानकारी भी सामने आई है।
कार्रवाई में थाना औद्योगिक क्षेत्र और थाना माणकचौक के पुलिसकर्मियों के साथ साइबर सेल की टीम की भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की कार्रवाई करेगी, ताकि चोरी की अन्य वारदातों, संभावित सहयोगियों और बरामद संपत्ति के संबंध में पूछताछ की जा सके।
इनकी रही भूमिका
महत्वपूर्ण भूमिका – उनि. विनोद कटारा, उनि. देवीलाल पाटीदार, उनि, ध्यानसिंह सोलंकी, प्र. आर. अनिल सोलंकी, प्र.आर. निलेश पाठक, प्र.आर. अभिषेक पाठक, आर. रवि चंदेल, आर. गोविन्द गेहलोत, आर. दीपक मकवाना, आर. जीवन विश्वकर्मा थाना माणकचौक द्वारा आरोपियो को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सराहनीय भूमिका- उपुअ, गायत्री सोनी, निरीक्षक अमित कोरी, उनि, उदयभान राय, प्र.आर. राघु भिंडे, आर. विजयसिंह मालवीय, आर. राणा प्रताप, आर. ओम पारगी, आर. गौरव भारती, आर. कलसिंह मईडा व सायबर सेल से उनि. जीवन बारिया, आर. विपुल व उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
18 साल से पुलिस की पकड़ से बाहर चड्डी-बनियान गैंग के चार आरोपी गिरफ्तार, चोरी से पहले बांधते थे मन्नत का धागा, बेटे पर मुखबिरी के आरोप में गांव में लगी 50 लाख की पेनल्टी चुकाने के लिए भी चोरी करने का दावा
