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रतलाम रेलवे ग्राउंड पर शारीरिक दक्षता परीक्षा में फिर पकड़ाए ‘मुन्नाभाईÓ : दूसरे के नाम पर दौड़ लगाने पहुंचे दो युवक धराए, तीन आरोपी जीआरपी के हवाले

BySurendra Jain

Sep 9, 2026

रखबर पक्की,9 सितंबर, रतलाम। रेलवे ग्राउंड पर आयोजित आरआरबी रेलवे ग्रुप-डी (लेवल-वन) की शारीरिक दक्षता परीक्षाके अंतिम दिन बुधवार को एक बार फिर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर दौड़ लगाने पहुंचे उत्तर प्रदेश के दो फर्जी परीक्षार्थियों को रेलवे जांच टीम ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ लिया। इस मामले में दोनों फर्जी परीक्षार्थियों के साथ मूल अभ्यर्थियों में से एक को भी हिरासत में लिया गया है। तीनों को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द किया गया है।
बायोमेट्रिक जांच में खुला फर्जीवाड़ा
बुधवार सुबह रेलवे ग्राउंड पर पीईटी के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान जांच टीम को दो युवकों के फिंगरप्रिंट और फोटो का मिलान संदिग्ध लगा। अधिकारियों ने जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचने का मामला सामने आया।
डीआरएम भी पहुंचे रेलवे ग्राउंड
परीक्षा के अंतिम दिन एक बार फिर फर्जीवाड़ा पकड़े जाने की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीआरएम अश्वनी कुमार सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल रेलवे ग्राउंड पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने मौके पर ही पकड़े गए युवकों और मूल अभ्यर्थी से पूछताछ की। इसके बाद तीनों को वैधानिक कार्रवाई के लिए जीआरपी के हवाले कर दिया गया।
पहले मामले में मनीष की जगह दौडऩे पहुंचा पंकज
जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी अभ्यर्थी मनीष कुमार को 1000 मीटर दौड़ में हिस्सा लेना था। लेकिन उसकी जगह पंकज यादव निवासी फिरोजाबाद, फर्जी अभ्यर्थी बनकर दौड़ लगाने पहुंचा था।
दूसरे मामले में अनूप की जगह पहुंचा गौरव
इसी तरह दूसरे मामले में 20 वर्षीय अभ्यर्थी अनूप निवासी सिरसागंज, फिरोजाबाद की जगह गौरव निवासी शिकोहाबाद, फिरोजाबाद फर्जी तरीके से शारीरिक दक्षता परीक्षा देने पहुंचा था।
तीन दिन पहले भी पकड़ा गया था फर्जीवाड़ा
गौरतलब है कि रेलवे ग्राउंड पर आयोजित इसी परीक्षा में करीब तीन दिन पहले भी फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए थे। उस मामले में एक ‘मुन्नाभाईÓ और मूल अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
लगातार दूसरी बार फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अब जीआरपी पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो काम नहीं कर रहा है और फर्जी तरीके से परीक्षा देने के लिए कितना लेन-देन किया गया।

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