खबर पक्की, 1 सितंबर, रतलाम। विंध्यवासिनी कॉलोनी में 13 दिन पहले ई-स्कूटी में हुए विस्फोट के बाद घर में लगी भीषण आग में झुलसी 16 वर्षीय किशोरी की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। अंतिम ने इंदौर के निजी अस्पताल में सुबह करीब 8 बजे दम तोड़ दिया। हादसे में उसकी मां बिंदु कुंवर भी करीब 60 प्रतिशत झुलसी थीं और उनका इंदौर के निजी अस्पताल में उपचार जारी है। बेटी की मौत की खबर से परिवार में मातम पसर गया।
19 अगस्त की तड़के हुआ था हादसा
घटना 19 अगस्त की तड़के विंध्यवासिनी कॉलोनी स्थित बिंदु कुंवर के घर में हुई थी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बिंदु कुंवर (36) अपनी दोनों बेटियों विजय लक्ष्मी और अंतिम के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान कमरे में रखी ई-स्कूटी में अचानक विस्फोट हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई।
धुआं और आग देखकर तीनों की नींद खुली तो कमरे में चारों तरफ आग लगी हुई थी। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद तीनों को घर से बाहर निकाला। हादसे में बड़ी बेटी विजय लक्ष्मी बाल-बाल बच गईं, जबकि बिंदु कुंवर और उनकी छोटी बेटी अंतिम गंभीर रूप से झुलस गई थीं।दोनों को तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया था।
तबीयत बिगड़ी तो रात में निजी अस्पताल ले गए
सोमवार रात अंतिम की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद परिजन मां और बेटी को रात करीब डेढ़ बजे इंदौर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दोनों को भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अंतिम की मौत हो गई।पोस्टमार्टम के बाद परिजन दोपहर बाद अंतिम का शव लेकर इंदौर से रवाना हो गए। अंतिम का अंतिम संस्कार रावटी के समीप तंबोलिया गांव में किया जाएगा।
मां ही दोनों बेटियों की देखभाल कर रही थीं
बिंदु कुंवर अपनी दोनों बेटियों के साथ रहती थीं। उनके पति से काफी समय पहले तलाक हो चुका है। इसके बाद मां ही दोनों बेटियों की देखभाल कर रही थीं। अंतिम कक्षा 12वीं की छात्रा थी और विनोबा नगर स्थित सांदीपनी हायर सेकंडरी स्कूल में पढ़ती थी। बिंदु कुंवर का मायका भी रावटी के पास तंबोलिया गांव में है और वह बचपन से अपने मामा के यहां रही थीं।
आग इतनी भीषण थी कि घर का सबकुछ जल गया
ई-स्कूटी में लगी आग ने कुछ ही समय में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था। आग इतनी भीषण थी कि घर का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। घर में रखी ई-स्कूटी भी पूरी तरह जल गई। पंखे और कूलर तक जल गए, जबकि पीवीसी की छत भी गर्मी के कारण पूरी तरह पिघल गई थी।परिजनों के अनुसार ई-स्कूटी घटना से करीब 10 दिन पहले ही खरीदी गई थी। हादसे के बाद से ही ई-स्कूटी में आग लगने और विस्फोट के कारणों को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
विंध्यवासिनी कॉलोनी ई-स्कूटी अग्निकांड में झुलसी 16 वर्षीय बेटी की मौत,13 दिन तक जिंदगी से जंग के बाद तोड़ा दम, मां अब भी इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती
