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सफलता की कहानी : ट्राईसिकल मिली तो दिव्यांग रोहित के चेहरे पर आई मुस्कान, अब आसान होगी रोजमर्रा की राह, मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर बना रोहित के लिए उम्मीद और सहारे का माध्यम

BySurendra Jain

Aug 29, 2026

खबर पक्की, 29 अगस्त, रतलाम। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत अलकापुरी स्थित कम्युनिटी हॉल (अटल सभागृह) में आयोजित शिविर दिव्यांग रोहित कछावा, निवासी टैगोर कॉलोनी, अलकापुरी रतलाम के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। चलने-फिरने में असमर्थ रोहित को शिविर में ट्राईसिकल प्रदान की गई। ट्राईसिकल मिलते ही उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले रोहित के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। चलने में असमर्थता के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी दूसरों की सहायता पर निर्भर रहना पड़ता था। मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में उनकी जरूरत को समझते हुए उन्हें ट्राईसिकल उपलब्ध कराई गई।
ट्राईसिकल मिलने के बाद रोहित ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनके लिए घर से बाहर आना-जाना काफी आसान हो जाएगा। पहले कहीं आने-जाने में काफी परेशानी होती थी और दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी, लेकिन अब वे अधिक आसानी से आवागमन कर सकेंगे।
रोहित के चेहरे पर दिखाई दे रही खुशी इस बात की गवाही दे रही थी कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं और जनविश्वास जैसे शिविर जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहे हैं। उनके लिए यह ट्राईसिकल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई राह है।
मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के माध्यम से शासन-प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। रोहित कछावा की कहानी इसी जनकल्याणकारी पहल की एक प्रेरक मिसाल है, जहां एक छोटी-सी सहायता ने उनके जीवन में बड़ी सुविधा और चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला दी।

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