खबर पक्की, 26 अगस्त, रतलाम। सरवनीखुर्द निवासी शंकर गरवाल (45) की कीटनाशक पीने से मौत हो गई। परिजनों और जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के लोगों ने बाजना रोड पर शव रखकर प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक सड़क पर विरोध के कारण दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई।
परिजनों के अनुसार, शंकर गरवाल पिता शंकरसिंह 23 अगस्त को अपने खेत की जमीन के पास कीटनाशक पी लिया था। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। 25 अगस्त दोपहर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन का आरोप है कि शंकर की खेती की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था।
खदान संचालक पर धमकाने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, शंकर पीढिय़ों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे थे। खदान का पट्टा मिलने के बाद वह जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे थे। उनका आरोप है कि खदान संचालक भी शंकर को परेशान और डराते-धमकाते थे।
परिजनों का कहना है कि शंकर ने इस मामले की कई बार शिकायत की थी। शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए उसने आत्महत्या कर ली।
प्रदर्शन कर रहे परिजनों और आदिवासी संगठनों ने खनिज विभाग, राजस्व विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि जमीन पर खदान का पट्टा किस आधार पर दिया गया, इसकी जांच हो। उन्होंने कहा कि जांच में किसी अधिकारी या खदान संचालक की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आए तो कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार को मुआवजा और सुरक्षा देने की मांग की। परिजनों ने चेतावनी दी कि दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव किया जाएगा।
पुलिस ने जांच का भरोसा दिया
सूचना मिलने पर डीएसपी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और संगठन के लोगों से बात की। अधिकारियों ने जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शंकर के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां हैं।
जमीन विवाद के बाद युवक ने कीटनाशक पीया,मौत – परिजनों ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
