• Thu. Aug 20th, 2026

चेक बाउंस मामले में आरोपी की अपील खारिज, कोर्ट ने सजा रखी यथावत; गिरफ्तारी वारंट जारी

BySurendra Jain

Aug 20, 2026

खबर पक्की, 20 अगस्त, रतलाम। चेक अनादर (बाउंस) के एक चर्चित मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी की अपील निरस्त करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 1 वर्ष के कारावास और प्रतिकर राशि की सजा को यथावत रखा है। आरोपी की अनुपस्थिति के कारण न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार टेलीफोन कॉलोनी निवासी आरोपी आसिफ हुसैन पिता भुरा खाँ ने अपने मकान निर्माण के लिए 4 लाख रुपये और माता के इलाज के लिए 2 लाख रुपये (कुल 6 लाख रुपये) परिवादी गौरव सतवानी से उधार लिए थे। इसके बदले आरोपी ने भारतीय स्टेट बैंक, शाखा तोपखाना रतलाम के दो चेक जारी किए थे। बैंक में प्रस्तुत करने पर दोनों चेक बाउंस हो गए। लीगल नोटिस भेजने के बाद भी राशि न लौटाने पर अधिवक्ता बी.एस. पाटिल के माध्यम से धारा 138 एनआई एक्ट का परिवाद दर्ज कराया गया था।
निचली अदालत का निर्णय
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (श्रीमती सपना शर्मा) रतलाम की कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए आसिफ हुसैन को 1 वर्ष के साधारण कारावास और चेक राशि 6,00,000 रुपये पर 9त्न ब्याज सहित कुल 3,78,000 रुपये प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश दिया था। प्रतिकर न देने पर 4 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास का प्रावधान किया गया था।
अपील खारिज, गिरफ्तारी वारंट
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आरोपी द्वारा दायर अपील को सप्तम सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने खारिज कर सजा को बरकरार रखा। सुनवाई के दौरान आरोपी के अनुपस्थित रहने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामले में परिवादी गौरव सतवानी की ओर से सफल पैरवी अधिवक्ता बी.एस. पाटिल एवं रूखसाना शेख ने की।

You missed

error: Content is protected !!