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तहसीलदार के आदेश से भड़के रत्तागढख़ेड़ा के ग्रामीण, कलेक्टर से लगाई गुहार, गौशाला पर कार्रवाई से भड़क सकता है जनाक्रोश

BySurendra Jain

Aug 20, 2026

खबर पक्की, 20 अगस्त, रतलाम। ग्रामीण तहसील के ग्राम रत्तागढख़ेड़ा में स्थित सिन्धुअवतरणि पुस्तकालय सेवा समिति द्वारा संचालित गौशाला को अतिक्रमण बताकर हटाने के तहसीलदार रतलाम ग्रामीण के आदेश ने तूल पकड़ लिया है। तहसीलदार द्वारा दिनांक 20.02.2026 एवं 18.08.2026 को जारी आदेश व सूचना पत्र के विरोध में ग्रामीणों और गौरक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को समिति अध्यक्ष महर्षि गुलाब गोकरण एवं समस्त ग्रामवासियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि उक्त गौशाला विगत कई वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिसका विद्युत बिल भुगतान व समिति रजिस्ट्रेशन नियमानुसार कराया गया है। इसकी संपूर्ण जानकारी ग्राम पंचायत व शासन स्तर पर भी दर्ज है। गौशाला से पूरे गांव की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है और ग्रामवासियों के सहयोग से ही इसका संचालन किया जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक अमले द्वारा गौशाला के निर्माण को तोड़ा गया या मूक पशुओं को विस्थापित करने की कोशिश की गई, तो गायों के पालन-पोषण में भारी संकट खड़ा हो जाएगा। इससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। ग्रामीणों ने साफ किया कि अवैधानिक कार्रवाई की स्थिति में न केवल गांव में, बल्कि पूरे क्षेत्र में उग्र विरोध प्रदर्शन होगा, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
कार्रवाई पर स्थगन की मांग
आवेदकों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि तहसीलदार रतलाम ग्रामीण के आदेश के पालन में की जाने वाली किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर तुरंत प्रभाव से आगामी आदेश तक रोक (स्थगन) लगाई जाए, ताकि ग्रामवासी और समिति अपने पक्ष के बचाव हेतु उचित वैधानिक उपचार प्राप्त कर सकें।

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