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जिले में राजस्व न्यायालयों के 6,869 प्रकरण आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज ही नहीं, कलेक्टर ने गंभीर चिंता कर समयबद्ध सुनवाई एवं पोर्टल पर सभी प्रकरण अद्यतन करने के दिए निर्देश

BySurendra Jain

Aug 7, 2026

खबर पक्की, 7 अगस्त, रतलाम। कलेक्टर अजय कटेसरिया द्वारा जिले के राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान एक गंभीर स्थिति सामने आई है। जिले की 27 राजस्व न्यायालयों में कुल 6,869 प्रकरण ऐसे पाए गए हैं, जो न्यायालयों में प्रचलित होने के बावजूद आरसीएमएस पोर्टल पर अद्यतन नहीं किए गए हैं। इन प्रकरणों में नियमित सुनवाई भी प्रभावित हो रही है तथा कई मामलों में पेशी के बाद भी प्रकरणों को पोर्टल पर आगे नहीं बढ़ाया गया है।
समीक्षा में पाया गया कि कलेक्टर न्यायालय में 1,073, अनुविभागीय अधिकारी (रतलाम शहर) न्यायालय में 743, अनुविभागीय अधिकारी जावरा न्यायालय में 640, नायब तहसीलदार रतलाम शहर (पश्चिमी भाग) न्यायालय में 489, नायब तहसीलदार बिलपांक में 410, नायब तहसीलदार रतलाम शहर (पूर्वी भाग) में 340, तहसीलदार जावरा में 332, तहसीलदार आलोट में 299, तहसीलदार ताल में 346, तहसीलदार पिपलोदा में 247, नायब तहसीलदार आलोट में 252, तहसीलदार रतलाम शहर में 216, अपर कलेक्टर न्यायालय में 190, नायब तहसीलदार जावरा वृत्त ढोढऱ में 173, नायब तहसीलदार नामली में 143, अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी न्यायालय में 127, उपखण्ड अधिकारी रतलाम ग्रामीण में 115, तहसीलदार सैलाना में 113, नायब तहसीलदार जावरा में 99, नायब तहसीलदार पिपलोदा में 85, उपखण्ड अधिकारी सैलाना में 68, तहसीलदार रावटी में 61, तहसीलदार बाजना में 51, उपखण्ड अधिकारी आलोट में 50, तहसीलदार रतलाम ग्रामीण में 46 तथा नायब तहसीलदार सैलाना में 43 प्रकरण आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज अथवा अद्यतन नहीं पाए गए।
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। सभी राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण हो तथा प्रत्येक प्रकरण का आरसीएमएस पोर्टल पर नियमित रूप से अद्यतन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी नागरिक को न्याय प्राप्त करने के लिए अनावश्यक रूप से भटकना नहीं पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि अपने-अपने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की विशेष समीक्षा करें, सभी प्रकरणों को तत्काल आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज एवं अद्यतन करें तथा नियमित सुनवाई कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन के नियमानुसार हर संभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय मिल सके और राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह एवं परिणाममुखी बन सके।

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