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पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों ने खोला मोर्चा, 15 से 17 जुलाई तक सामूहिक अवकाश का ऐलान, मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

BySurendra Jain

Jul 14, 2026

खबर पक्की, 14 जुलाई, रतलाम। मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत 15 से 17 जुलाई तक जिले सहित पूरे प्रदेश के पटवारी तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन तेज किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष गोपाल रावत के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा नवंबर 2025 में पटवारी महाधिवेशन आयोजित कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक न तो महाधिवेशन की तिथि तय की गई और न ही वर्षों से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय लिया गया। इससे पटवारी संवर्ग स्वयं को उपेक्षित और शोषित महसूस कर रहा है।
संघ ने ज्ञापन में कैडर रिव्यू लागू करने, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ देने, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा शीघ्र आयोजित करने, जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल करने, विभिन्न योजनाओं के लंबित मानदेयों का भुगतान करने तथा संगठन के पदाधिकारियों के नियमविरुद्ध स्थानांतरण निरस्त करने सहित पांच प्रमुख मांगें उठाई हैं।
पटवारी संघ का कहना है कि विभागीय परीक्षा पिछले 25 वर्षों में केवल एक बार आयोजित हुई है, जबकि कई योजनाओं में कार्य कराने के बावजूद पटवारियों को वर्षों से मानदेय का भुगतान नहीं मिला है। साथ ही राजस्व न्यायालयीन मामलों में केवल प्रतिवेदन देने के बावजूद पटवारियों पर सीधे एफआईआर दर्ज होने की घटनाओं को देखते हुए उन्हें भी जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल करने की मांग की गई है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 दिन में सरकार ने मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो 15 से 17 जुलाई तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश के बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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