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करमदी में संदिग्ध तत्वों की आवाजाही से दहशत, ग्रामीण तीन रातों से जागकर कर रहे गश्त, रविवार को ग्रामीणों ने माणकचौक थाने पहुंचकर की ड्रोन निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग

BySurendra Jain

Jun 14, 2026

खबर पक्की, 14 जून, रतलाम। माणकचौक थाना क्षेत्र के ग्राम करमदी में पिछले तीन दिनों से संदिग्ध गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि देर रात पिकअप, और अन्य वाहनों से कुछ अज्ञात लोग गांव और आसपास के क्षेत्रों में उतरते दिखाई दे रहे हैं, जिससे चोरी, डकैती और अन्य गंभीर वारदातों की आशंका बढ़ गई है। पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं होने के कारण गांव के युवा और किसान स्वयं रातभर पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
रविवार को ग्राम करमदी के कई ग्रामीण माणक चौक थाने पहुंचे और थाना प्रभारी से मिलकर उन्हें गांव की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर ज्ञापन सौपा।
गांव करमदी के ग्रामीण राजेश पुरोहित ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से गांव में संदिग्ध तत्वों की आवाजाही देखी जा रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में भय है। जिसके कारण ग्रामीण रात में भी जागकर गश्त कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार लगातार तीन दिनों से वे रात करीब चार बजे तक मोटरसाइकिलों से गांव की सीमाओं और खेतों के आसपास निगरानी कर रहे हैं। इससे उन्हें मात्र दो से तीन घंटे ही नींद मिल पा रही है। लगातार जागरण के कारण ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है, वहीं मानसून पूर्व खेतों की तैयारी का कार्य भी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि रातभर जागने के बाद किसान दिन में खेतों में पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं।
स्थिति को गंभीर बताते हुए ग्राम करमदी के नागरिकों ने 50 से अधिक हस्ताक्षरों के साथ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, माणक चौक थाना प्रभारी और ग्राम पंचायत को लिखित ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। ज्ञापन में गांव की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई मांगें रखी गई हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में रात के समय सर्विलांस ड्रोन के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की जाए। यदि प्रशासन स्वयं यह व्यवस्था नहीं कर सकता तो ग्रामीणों को अपने खर्च पर ड्रोन खरीदकर सुरक्षा निगरानी करने की वैधानिक अनुमति प्रदान की जाए।
इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए रात में पहरा देने को मजबूर हैं। ऐसे में यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति से सामना होने पर आत्मरक्षा की स्थिति उत्पन्न होती है तो प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से ले और गांव की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए।
इनका कहना है
ग्रामीणों ने संदिग्ध तत्वों को लेकर शंका जाहिर की है। सूचना मिलने पर मैं स्वयं पुलिस बल को लेकर गांव में पहुंचा था। क्षेत्र में मजबूत गश्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है।

  • विक्रम चौहान, थाना प्रभारी माणकचौक
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