खबर पक्की, 11 जून, रतलाम/सैलाना। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के स्थल रामद्वारा की भूमि पर कथित अतिक्रमण, फर्जी रजिस्ट्री और समाधि स्थल पर हुई तोड़-फोड़ के विरोध में गुरुवार को रामद्वारा बचाओ समिति के नेतृत्व में महा-आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। आंदोलन को लेकर सनातन समाज के विभिन्न संगठनों और श्रद्धालुओं में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है।
समिति द्वारा जारी सूचना के अनुसार आंदोलन की शुरुआत 11 जून 2026 को सुबह 10 बजे चारभुजानाथ मंदिर, कुमावतपुरा सैलाना से होगी। प्रदर्शन अनिश्चितकालीन रहेगा और मांगें पूरी होने तक जारी रखने की घोषणा की गई है।
प्राचीन समाधि स्थल पर तोड़-फोड़ का आरोप
रामद्वारा बचाओ समिति का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों एवं भू-माफियाओं द्वारा रामद्वारा की पवित्र भूमि पर कब्जा करने की नीयत से पूज्य गुरुदेव स्वर्गीय श्री निर्मल रामजी महाराज की प्राचीन समाधि के साथ तोड़-फोड़ की गई है। समिति का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि सनातन समाज की आस्था और धार्मिक धरोहर पर सीधा आघात है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
समिति ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समाज में असंतोष और रोष बढ़ा है। इसी के चलते अब व्यापक जनआंदोलन व आज 12:00 बजे तक सैलाना बंद का निर्णय लिया गया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्राचीन समाधि स्थल का पूर्ण सम्मान के साथ तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।
तोड़-फोड़ में शामिल आरोपितों तथा उनके संरक्षणकर्ताओं के विरुद्ध तत्काल गिरफ्तारी कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
रामद्वारा की संपूर्ण भूमि को अतिक्रमण मुक्त घोषित कर स्थायी रूप से सुरक्षित किया जाए।
कथित फर्जी रजिस्ट्री और भूमि संबंधी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
नारों के साथ होगा विरोध प्रदर्शन
आंदोलन के दौरान श्रद्धालु और समाजजन “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो”, “रामद्वारा बचाओ”, “फर्जी रजिस्ट्री रद्द करो” तथा “धर्म की भूमि पर डाका डालना बंद करो” जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराएंगे।
समाजजनों से शामिल होने की अपील
रामद्वारा बचाओ समिति ने सैलाना सहित आसपास के क्षेत्रों के धर्मप्रेमी नागरिकों, संत समाज और सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होकर धार्मिक धरोहर की रक्षा के लिए समर्थन देने की अपील की है।
