खबर पक्की, 20 मई, रतलाम। प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता हिम्मत कोठारी बुधवार दोपहर एसपी ऑफिस में एसपी के चेंबर के बाहर धरने पर बैठ गए। पूर्व मंत्री ने आम जनों के साथ जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अराजकता फैली है। आमजन परेशान हो रहे है।
अगर सुनवाई नहीं होती है तो पार्टी से अनुमति लेकर आमरण अनशन पर बैठूंगा। पार्टी तक छोड़ दूंगा। दरअसल हिम्मत कोठारी अपने एक बचपन के साथी ओर मिशाबंदी बसंत पुरोहित की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा करने की शिकायत की थी। थाने पर सुनवाई नहीं होने पर एसपी अमित कुमार से भी कुछ दिन पूर्व मिलकर उन्होंने शिकायत की थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
बुधवार दोपहर वह एसपी ऑफिस पहुंचे। एसपी के चेंबर के बाहर नीचे बैठ गए। तभी एसपी अमित कुमार तुरंत अपने चैंबर से निकले। उनसे बात कर उन्हें अंदर चलने की कहा। फिर डीडी नगर थाना प्रभारी को बुलाया। प्रकरण के बारे में बात की। कार्रवाई करने को कहा।
जनप्रतिनिधि की सुनवाई नहीं तो आमजन की कैसे होगी
पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व में खुद अपने बचपन के साथी को लेकर एसपी से मिला था। उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब जनप्रतिनिधि की सुनवाई नहीं हो रही है तो आम जनों की सुनवाई क्या होती होगी। अधिकारियों ने अराजकता फैला रखी है। ऐसे कल से कोई भी जमीन पर आकर कब्जा कर लेगा। मैने धरना दिया है, फिर एसपी आए। अगर सुनवाई नहीं होती है तो आमरण अनशन करूंगा। पार्टी छोड़ दूंगा। दो से तीन माह से परेशान हो रहे है।
जनप्रतिनिधि और नेता गूंगे बहरे हो गए
हिम्मत कोठारी ने यह भी कहा कि हमारे जनप्रनिधि, नेता कोई भी देखने वाला नहीं है। सब गूंगे बहरे हो गए है। कल से कोई भी गुंडा गर्दी करेगा। जमीनों पर कब्जा करेगा। सुनवाई नहीं होती है तो पार्टी से अनुमति लेकर आमरण अनशन करूंगा। फिर भी सुनवाई नहीं होती है तो पार्टी छोडऩे के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा।
एसपी बोले कार्रवाई कर रहे
एसपी अमित कुमार ने बताया कि पूर्व गृह मंत्री आए थे। संबंधित को बुलाया था। लेकिन वह दस्तावेज लेकर नहीं आए थे। पूर्व मंत्री की बात सुनी है कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया है। संबंधित पर कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी को भी नोटिस दिया जाएगा।
एसपी ऑफिस में धरने पर बैठे पूर्व मंत्री कोठारी : पार्टी छोडऩे की दी धमकी, बोले जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं हो रही
