खबर पक्की, 24 अप्रैल, रतलाम। सायबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए रतलाम पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटी है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार के मार्गदर्शन में सायबर क्राइम सेल द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही है। इसी क्रम में ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड को लेकर नई चेतावनी जारी की गई है।
क्या है ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड?
इस प्रकार की ठगी में सायबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या व्हाट्सएप के माध्यम से मुफ्त ट्रेडिंग टिप्स के विज्ञापन देते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही व्यक्ति को व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया जाता है।
इन ग्रुप्स में जालसाज खुद को एक्सपर्ट बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते हैं। कुछ समय बाद वे एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाते हैं, जो स्श्वक्चढ्ढ में पंजीकृत नहीं होता।
ऐप में नकली मुनाफा और ढ्ढक्कह्र अलॉटमेंट दिखाया जाता है, निवेश की गई राशि जालसाजों के खातों में जाती है, वॉलेट में दिख रहा पैसा असली नहीं होता, जब व्यक्ति पैसा निकालने की कोशिश करता है तो अतिरिक्त निवेश या शर्तें बताई जाती हैं। बड़ी रकम (जैसे 50 लाख मुनाफा) पूरी करने का दबाव बनाया जाता है। अंत में टैक्स के नाम पर और पैसा मांगा जाता है। मना करने पर संपर्क बंद कर दिया जाता है।
कैसे पहचानें फर्जी ग्रुप ?
200-500 मेंबर वाले आकर्षक ग्रुप, सभी मेंबर फर्जी नंबर और डीपी के साथ, चैट में लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट, एडमिन और मेंबर के बीच दिखावटी चर्चा।
क्या सावधानियां रखें?
सोशल मीडिया पर निवेश संबंधी विज्ञापनों पर भरोसा न करें, अनजान व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप से दूर रहें, किसी भी ग्रुप में बैंक या डिमेट जानकारी साझा न करें, केवल स्श्वक्चढ्ढ रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें। किसी भी अनजान ऐप या वेबसाइट पर पैसा न लगाएं।
शिकायत कहां करें?
राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल- 222.ष्4ड्ढद्गह्म्ष्ह्म्द्बद्वद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ??, हेल्पलाइन नंबर: 1930, नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल, रतलाम साइबर हेल्पलाइन- 7049127420 रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि लालच में आकर निवेश न करें और सतर्क रहकर ही ऑनलाइन लेनदेन करें।
