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रतलाम पुलिस तकनीकी उपयोग में अव्वल, ‘एÓ श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान

BySurendra Jain

Apr 24, 2026

खबर पक्की, 24 अप्रैल, रतलाम। एसपी अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन में रतलाम पुलिस ने तकनीकी सेवाओं के प्रभावी उपयोग के दम पर राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी वर्ष 2026 की मासिक रैंकिंग में ‘एÓ श्रेणी के जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले में आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के बेहतर क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग और टीम वर्क का परिणाम है।
जिले के सभी थानों में सीसीटीएनएस (ष्टह्म्द्बद्वद्ग ड्डठ्ठस्र ष्टह्म्द्बद्वद्बठ्ठड्डद्य ञ्जह्म्ड्डष्द्मद्बठ्ठद्द हृद्गह्ल2शह्म्द्म & स्4ह्यह्लद्गद्वह्य) सॉफ्टवेयर का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसके जरिए एफआईआर दर्ज करने से लेकर विवेचना और चालान पेश करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है, जिससे पारदर्शिता, रिकॉर्ड संधारण और कार्य की समयबद्धता में सुधार हुआ है। साथ ही, आईसीजेएस (ढ्ढठ्ठह्लद्गह्म्-शश्चद्गह्म्ड्डड्ढद्यद्ग ष्टह्म्द्बद्वद्बठ्ठड्डद्य छ्वह्वह्यह्लद्बष्द्ग स्4ह्यह्लद्गद्व) के माध्यम से अन्य जिलों और राज्यों के प्रकरणों की जानकारी तेजी से मिल रही है, जिससे अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद मिली है।
रतलाम पुलिस द्वारा ई-साक्ष्य ऐप, ई-प्रॉसिक्यूशन, ई-एफएसएल और ई-विवेचना जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। ई-साक्ष्य के माध्यम से घटनास्थल की फोटो-वीडियोग्राफी को व्यवस्थित साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया जा रहा है, वहीं ई-प्रॉसिक्यूशन से विधिक प्रक्रिया तेज हुई है। ई-एफएसएल से फोरेंसिक रिपोर्ट समय पर मिलने लगी है और ई-विवेचना के लिए दिए गए टैबलेट्स से फील्ड स्तर पर डिजिटल कार्य को बढ़ावा मिला है।
इसके अलावा ऑनलाइन ई-समंस और वारंट की तामीली से समय की बचत हो रही है, जबकि एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलने से कार्य में सुविधा और स्पष्टता आई है। डेटा एंट्री की गुणवत्ता, सटीकता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के कारण रतलाम पुलिस ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। जनवरी 2026 में तीसरा स्थान, फरवरी में पहला स्थान और मार्च 2026 में ‘एÓ श्रेणी में पुन: प्रथम स्थान हासिल किया गया।
जिला मुख्यालय की सीसीटीएनएस टीम—प्रधान आरक्षक बलराम पाटीदार, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह बिष्ट, लोमेश शर्मा और प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) सपना भाटिया—24 घंटे थानों से समन्वय कर तकनीकी समस्याओं का समाधान कर रही है। टीम नियमित रूप से थानों का भ्रमण कर सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर संबंधी दिक्कतें दूर करती है और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर उनकी कार्य दक्षता बढ़ा रही है।

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