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बाबा साहब डॉ. अंबेडकर का व्यक्तित्व एवं आदर्श सम्पूर्ण भारत के लिए अनुकरणीय : प्रभारी मंत्री डॉ. शाह, 2047 तक बाबा साहब अंबेडकर के सपनों का भारत बनायेगें-कैबिनेट मंत्री श्री काश्यप

BySurendra Jain

Apr 14, 2026

खबर पक्की, 14 अप्रैल, रतलाम। डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136 वीं जन्म जयंती के अवसर पर कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय रतलाम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह को वर्चुअल संबोधित करते हुए जिले के प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय कार्य विभाग मंत्री मध्यप्रदेश शासन डॉ कुंवर विजय शाह ने कहा कि बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर का व्यक्तित्व एवं आदर्श सम्पूर्ण भारत के लिए अनुकरणीय है। उनके जीवन संघर्ष, आदर्शो एवं विचारों का अनुसरण करते हुए देश निरंतर विकास की ओर बढ़ रहा है।
डॉ. अंबेडकर के जन्म जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री मध्यप्रदेश शासन श्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक परिवर्तन की अद्वितीय मिसाल है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन की शुरुआत अत्यंत कठिन परिस्थितियों में की, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने हजारों वर्षों से चली आ रही सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज में समानता एवं समरसता स्थापित करने का संकल्प लिया। उनका संघर्ष केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के उत्थान के लिए था।
बाबासाहब ने भारतीय संविधान के निर्माण में जो योगदान दिया, वह आज भी हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। उनका मानना था कि जब तक समाज में जातिगत भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक वास्तविक प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने शिक्षा, नारी उत्थान, नारी शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक समरसता के लिए जीवनभर संघर्ष किया, और समाज के सभी वर्गों के लिए संविधान में समान अवसर के प्रावधान किये। उन्होंने ऐसे भारत की नींव रखी जहां न्याय समानता एवं गरिमा प्रत्येक नागरिक का समान अधिकार है। डॉ. अंबेडकर दूरदर्शी एवं महान अर्थशास्त्री भी थे। देश के आर्थिक उत्थान को ध्यान में रखते हुए उन्होने आरबीआई की स्थापना का श्री प्रावधान किया। उनके योगदान के लिए वर्ष 1990 में उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न ” से सम्मानित किया गया। सरकार द्वारा उनकी जन्मस्थली महू को एक पवित्र तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। हम उनके विचारों एवं उनके द्वारा संविधान में किए गए प्रावधान को लागू करते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2047 तक बाबा साहब के सपनों का भारत बनाऐगे।
समारोह में महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर का जीवन कई संघर्षो से भरा था। उन्होंने शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण समझा। स्कूल में जातिगत भेदभाव सहते हुए अपनी पढ़ाई पूरी की। स्कूल में उन्हें अन्य बच्चों से अलग बैठना पड़ता था। पानी भी उन्हें स्वयं का ही लेना पड़ता था। लेकिन पढ़ाई के लिए डटे रहे और उन्होंने विदेश जाकर भी शिक्षा ग्रहण कर देश के सामाजिक, आर्थिक एवं न्यायिक विकास में अविस्मरणीय योगदान दिया।
जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक महान समाज सुधारक ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट अर्थशास्त्री भी थे। भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना उनकी दूरदर्शी आर्थिक सोच का ही परिणाम हैं। उन्होंने देश की आर्थिक संरचना को मजबूत करने की नींव रखी। बाबासाहब का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा, संघर्ष और आत्मविश्वास से हम किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में शासन की योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी अतिथियों द्वारा मंच से किया गया। कार्यक्रम में 10वी एवं 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, 6वीं के विद्यार्थियों को साईकल वितरण, लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राही, अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया गया। कार्यक्रम में लेखक डॉ. प्रदीप सिंह राव द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन संघर्षो, संविधान निर्माण, नारी उत्थान, नारी शिक्षा एवं देश के सामाजिक आर्थिक विकास मे उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह, सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, सहायक आयुक्त श्रीमती रंजना सिंह, विभागीय अधिकारी/कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष दशोत्तर ने किया। आभार प्रदर्शन ए.ओ. जनजातीय कार्य विभाग श्री भास्कर ने किया। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।

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