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1 जनवरी 2026 से फुटकर दूध होगा महंगा, 58 से बढ़कर 62 रुपये प्रति लीटर

BySurendra Jain

Dec 31, 2025

रतलाम।
नए साल की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रसोई पर महंगाई का एक और बोझ पड़ने जा रहा है। 1 जनवरी 2026 से फुटकर दूध के दाम 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए जाएंगे। वर्तमान में 58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा फुलक्रीम दूध अब 62 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। यह बीते 9 महीनों में दूध की कीमतों में दूसरी बार बढ़ोतरी है।

मार्च 2025 में भी दूध के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद कीमत 55 रुपये से बढ़कर 58 रुपये प्रति लीटर हो गई थी। अब एक बार फिर दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।

2019 से अब तक 20 रुपये महंगा हुआ दूध

दूध के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर नजर डालें तो

  • 1 अप्रैल 2019 – 42 रुपये
  • 1 जुलाई 2019 – 44 रुपये
  • 1 अक्टूबर 2019 – 46 रुपये
  • 1 अप्रैल 2021 – 49 रुपये
  • 1 अप्रैल 2022 – 53 रुपये
  • 1 नवंबर 2022 – 55 रुपये
  • 1 मार्च 2025 – 58 रुपये
  • 1 जनवरी 2026 – 62 रुपये

यानि 2019 से अब तक दूध 20 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

शहर में रोजाना 1.40 लाख लीटर दूध की खपत

रतलाम शहर में प्रतिदिन करीब 1.40 लाख लीटर दूध की खपत होती है। इसमें से लगभग 1.25 लाख लीटर फुटकर दूध की खपत होती है, जबकि शेष दूध सांची, अमूल, सरस सहित अन्य ब्रांड्स का होता है। ऐसे में फुटकर दूध के दाम बढ़ने का सबसे अधिक असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

विभिन्न ब्रांड्स के दूध के दाम

  • सांची गोल्ड – 67 रुपये
  • स्टैंडर्ड शक्ति – 61 रुपये
  • चाह – 60 रुपये
  • तिरंगा ताजा – 55 रुपये
  • टी स्पेशल – 54 रुपये

विक्रेताओं की सहमति से बढ़े दाम

फुलक्रीम दूध विक्रेता संघ की बैठक में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी पर सहमति बनी। विक्रेताओं ने बताया कि दूध उत्पादकों द्वारा पहले 6 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन चर्चा के बाद केवल 4 रुपये की बढ़ोतरी तय की गई। इसमें से 3 रुपये दूध उत्पादकों को और 1 रुपये का समायोजन परिवहन, मार्जिन और कमीशन में किया गया है।

दूध उत्पादक संघ के अध्यक्ष ईश्वरलाल गुर्जर ने बताया कि उनकी मांग 6 रुपये की थी, लेकिन डेयरी संचालकों ने केवल 3 रुपये की बढ़ोतरी ही स्वीकार की है। अब हर साल जनवरी में दूध के दाम बढ़ाए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

दूध उत्पादक किसान सोनू गुर्जर (ऊनि) ने बताया कि 1 साल में दूध के परिवहन,खल आदि का खर्चा भी कई बढ़ चुका है। नई कीमतों से किसानों राहत मिल सकेगी ।

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