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बोधि इंटरनेशनल स्कूल का तीन घंटे घेराव : स्कूल गेट पर ताला लगाने की कोशिश, प्रिंसिपल व टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग; छात्र अहमदाबाद रेफर

BySurendra Jain

Nov 29, 2025

खबर पक्की, 29 नवंबर, रतलाम। डोंगरे नगर स्थित बोधि इंटरनेशनल स्कूल की तीसरी मंजिल से कूदे छात्र का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आदिवासी छात्र संगठनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
शनिवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष, छात्र की दादी, परिजन, भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के पदाधिकारी व अन्य स्कूल के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। स्कूल प्रिंसिपल व स्कूल टीचर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज कर स्कूल की मान्यता निरस्त करने की मांग की। एफआईआर नहीं होने पर सोमवार को स्कूल नहीं खोलने देने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ जो दोपर 3 बजे तक चला।
हंगामे की सूचना पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्कूल के बाहर तहसीलदार ऋषभ ठाकुर और थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
तीन घंटे तक स्कूल के बाहर बैठे रहे
छात्र के दादी समेत अन्य परिजन, भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के पदाधिकारी समेत आदिवासी समाज के लोग भी स्कूल के बाहर धरने पर बैठे। धरने शुरू होने के करीब एक घंटे बाद जिला शिक्षा अधिकारी अनित सागर पहुंची। विरोध कर रहे लोगों से बात की। परिजनों व समाजजनों का कहना था कि स्कूल की प्रिंसिपल व टीचर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया जाए। पुलिस ने शुक्रवार रात छात्र के बयान लिए। लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं की। स्कूल की मान्यता निरस्त की जाए। तब डीईओ ने कहा कि स्कूल सीबीएसई है। मान्यता ऐसी निरस्त नहीं होता है। आपकी जो मांग है उसके लिए एक जांच समिति बना दी जाएगी। जांच के बाद हमारे संभागीय कार्यालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। लेकिन विरोध कर रहे लोग मानने के लिए तैयार नहीं थे।
स्कूल गेट पर ताला लगाने की कोशिश
स्कूल के खिलाफ विरोध कर परिजन छात्र को अभी तक स्केटिंग में मिले मैडल लेकर भी सड़क पर बैठ गए। पहले कुछ देर तक स्कूल गेट के बाहर बैठे रहे। सुनवाई नहीं होने पर सभी नारेबाजी करते हुए स्कूल के बाहर बीच सड़क पर बैठ जाम लगा दिया। स्कूल गेट पर ताला लगाने की कोशिश भी। लेकिन थाना औद्योगिक प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी व पुलिस बल गेट पर आकर खड़ा हो गया। सभी को समझाया। लेकिन नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई होगी की जाएगी। दो से तीन बार स्कूल गेट पर ताला लगाने की कोशिश की। एक बार तो गेट को लगा भी दिया। लेकिन पुलिस ने खुलवा दिया।बाद में सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया भी पहुंचे। सभी को समझाने की कोशिश की।
इस दौरान भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के दिनेश माल, ध्यानवीर डामोर, किशन सिंगाड़ समेत बड़ी संख्या में आदिवासी संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
सोमवार को स्कूल नहीं खोलने देने की चेतावनी
दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन दोपहर 3 बजे तक चला। डीईओ ने विभाग की तरफ से जांच की बात कहते हुए पुलिस की वैधानिक कार्रवाई की बात लिख कर विरोध करने वालों को दी। विरोध करने वालों का कहना था कि सीसीटीवी फूटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि बच्चे को किस तरह प्रिंसिपल व स्कूल टीचर डरा रहे है। आराम से समझा सकते थे। बाद में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया। उसके बाद सभी माने। जाते-जाते चेतावनी देकर गए किए अगर एफआईआर दर्ज नहीं होती है व स्कूल प्रिंसिपल को हटाया नहीं जाता है तो सोमवार को बड़ी संख्या में समाजजन आएंगे। स्कूल को खुलने नहीं देंगे। छात्र के बेहतर इलाज के लिए शनिवार सुबह परिजन गुजरात के अहमदाबाद लेकर गए है।
मानसिक दबाव बनाया
जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा ने कहा कि छोटे से मासूम बच्चे पर दबाव बनाया। बच्चे ने माफी भी मांगी। हम चाहते है कि जिस प्रिंसिपल व टीचर ने दबाव बनाकर मानसिक रूप से परेशान किया है उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाए। स्कूल की मान्यता निरस्त कर ताला लगाया जाए।
छात्र की दादी ने कहा कि मैडम का बच्चा गिरता तो मैडम को मालूम पड़ता। बच्चा बहुत सारे मैडल लेकर आया। लेकिन आज तक स्कूल से कोई प्रशंसा पत्र नहीं मिला। बच्चे को टार्चर किया। स्कूल वालों ने यह भी नहीं सोचा कि बच्चा कुछ भी कर सकता है। हम कार्रवाई की मांग चाहते है।
जिला शिक्षा अधिकारी अनिता सागर ने कहा कि लोगों से बातचीत की है। हमने पुलिस प्रशासन को वैधानिक कार्रवाई को लिख दिया है। हमने जांच समिति गठित कर दी है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल सीबीएसई मान्यता बोर्ड का है।
सीएसपी बोले वैधानिक कार्रवाई करेंगे
सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा कि पूरा प्रकरण जिला प्रशासन के नॉलेज में है। विधि सम्मत वैधानिक कार्रवाई करेंगे। सीएसपी क्या वैधानिक कार्रवाई करेंगे, किस पर करेंगे यह नहीं पता पाए। जबकि शुक्रवार रात छात्र के बयान भी पुलिस ने लिए थे। जिसमें स्कूल प्रिंसिपल व टीचर द्वारा मानसिक रूप से परेशान करने की बात बताई थी।

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