• Sat. Aug 1st, 2026

वर्तमान समय में स्वदेशी का बहुत महत्व, सभी का दायित्व देश हित में स्वदेशी से जुड़े : मंत्री काश्यप, स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन और स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान मे हुआ 10 दिवसीय भव्य स्वदेशी मेले का शुभारम्भ

BySurendra Jain

Nov 29, 2025

खबर पक्की, 29 नवंबर, रतलाम। विश्व में अनेक देश आर्थिक शक्ति बने हुए है और आर्थिक शक्ति बनने के लिए अपने देश के प्रति स्व की भावना होना बहुत जरुरी है जब ही आप विकसित राष्ट्र बन सकते है, इस का जीता जगता उदाहरण जापान है जिसपर परमाणु हमले के बाद वहा के लोगो मे स्वदेशी की भावना की वजह से आज विषम परिस्तिथि होने के बाद बहुत जल्दी आर्थिक संपन्न बन गया। उक्त विचार स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन और स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान मे स्वदेशी मेले के शुभारम्भ के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने व्यक्त किए। आपने कहा की वर्तमान समय मे स्वदेशी का बहुत महत्त्व है, हमारा भी दायित्व होता है की हम स्वदेशी से जुड़े.। स्वदेशी की बात पहले भारत को स्वतंत्र करने के लिए हुए थी। आर एस एस ने उसी भावना को स्वतंत्रता के बाद पुन: जाग्रत करने के लिए की है। हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए बहुत काम किए है, और प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इसी काम का आगे बड़ा रहे है। पुरे देश मे 600 से ज्यादा जगह पर स्वदेशी मेले का आयोजन हो रहा है, इसमें जनता के साथ साथ जनप्रतिनिधि यों को भी अपने मन मे भाव जगाना पड़ेगा। स्वदेशी एक संस्कार है इसको सिर्फ बोलने से काम नहीं चलेगा, हमें तीन बिंदु पर काम करना पड़ेगा। पहला स्वदेशी के प्रति समाज मे जाग्रति लाना, दुसरा व्यापारियों के मन मे स्वदेशी का भाव लाना और तीसरा स्वदेशी वास्तु का उत्पादन बढ़ाना। इस के लिए हमें समाज के हर वर्ग मे स्वदेशी को अपनाने के लिए जागृति लाना होंगी, और उसके साथ साथ व्यापार करने वाले व्यापारियों को स्वदेशी उत्पाद को बेचने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करना पड़ेगा और साथ मे स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए इस से सम्बंधित कुटीर उद्योग, गृह उद्योग को बढ़ावा देना होगा, मध्यप्रदेश सरकार इस के लिए बहुत काम कर रही है। स्वदेशी के प्रति लोगो के मन मे आकर्षण बढ़ाने के लिए ऐसे मेले का आयोजन आज हो रहे है, मगर इसके लिए अपने में मे सबसे पहले स्वदेशी का भाव जगाने की सबसे पहले आवश्यकता है.। मंत्री काश्यप ने मेला संयोजक वरुण पोरवाल एवं उनकी पूरी कार्यकारिणी को बधाई देते हुए रतलाम में प्रथम बार स्वदेशी मेला आयोजित करने के संकल्प को मूर्त रूप देना प्रशंसनीय कार्य बताया द्य
कार्यक्रम का शुभारम्भ अम्बेडकर ग्राउंड मे हुआ, कार्यक्रम मे सर्वप्रथम भगवान श्री राम के मंदिर जो मेला ग्राउंड मे बना उसकी आरती कर, मां भारतीय और महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि कर हुआ उसके पश्चात बालिकाओं द्वारा सुन्दर नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
यह होंगे मेले के प्रमुख आकर्षण

  • आकर्षक श्री राम मंदिर , 150 से अधिक विभिन्न राज्यों के स्वदेशी वस्तुओं के स्टॉल, आकर्षक झूले, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न प्रतियोगिताएं, स्थानीय संस्थाओं को मंच।
    कार्यक्रम को स्वयं सेवक संघ के मालवा प्रान्त के सह व्यवस्था प्रमुख बलवंत हाडा मुख्य वक्ता के रूप मे सम्बोधित करते हुए कहा की भारत देवो की भूमि है भारत की आत्मा स्व मे है, पहले के समय मे हम वस्तुओ का परसपर आदान प्रदान कर अपना काम करते थे, मगर इसका मूल भाव स्व ही था। भारत स्व के अधीन तो आ गया मगर स्वतंत्र नहीं हुआ यानी तंत्र अपने अधीन नहीं हुए। हमें स्व पर काम करना है स्व भाषा, स्व भूषा पहनावा, स्व कुटुंब, स्व भोजन, स्व भजन और जिनमे स्व शब्द समाहित हो हमें उनपर ध्यान देना होगा। हमें भारत मे बनी हुई वस्तु का उपयोग करना है, आज विश्व हमें टेरीफ के नाम पर डरा रहा है उससे हमें निकलने का सबसे अच्छा रास्ता है स्वदेशी वस्तु का प्रयोग ताकि भारत पर विदेशी कर्ज ना बढ़ पाए। जब देश आर्थिक रूप से सक्षम होगा तभी हम वर्ष 2047 मे विकसित भारत की कल्पना कर सकते है, इसलिए हमें वोकल फॉर लोकल पर फोकस करना पड़ेगा।
    कार्यक्रम को महापौर प्रहलाद पटेल ने सम्बोधित करते हुए कहा की मेला देश की धरोहर है मगर स्वदेशी मेला हमारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयोजित होते आये है, मोदीजी स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत पर काम करते हुए स्वदेशी पर जोर दे रहे है हमें उनके कदमो पर आगे बढऩा है।
    कार्यक्रम को स्वदेशी जागरण मंच के मालवा प्रान्त संयोजक डॉ विशाल पुरोहित ने भी सम्बोधित करते हुए कहा की पंडित दत्तोपय थेंगरी जी ने स्वदेशी की पुरे देश मे अलख जगाई है, आज उसी अलख को देश के प्रधानमंत्री मोदी जी आगे लेकर जा रहे है। पुरे देश के साथ साथ प्रदेश मे भी स्वदेशी मेले का आयोजन हो रहे है, बालाघाट मे बड़े स्तर पर इसका आयोजन हुआ है, उसकी के साथ साथ मालवा प्रान्त मे 15 मेसे 8 जगह मेले होना है, जिनमे से 5 जगह कार्य चल रहे है, स्वदेशी जागरकन मंच आर एस एस की पंच परिवर्तन कार्य के तहत यह आयोजन कर रही है।
    कार्यक्रम मे मेला संयोजक वरुण पोरवाल ने स्वागत भाषण उद्बोधन देते हुए बताया की कुछ दिन पहले केबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप द्वारा युवा चेतना समारोह से द्वड इच्छाशक्ति की प्रेरणा ले मात्र 5-7 दिन के अल्प समय मे इस मेले को मूर्त रूप दिया है , इस प्रकल्प मे हमें स्वदेशी की खरीदी के साथ उद्योगो को भी बढ़ावा देना है जिससे कि लोगो का आकर्षण स्वदेशी ब्रांड्स के लिए बड़े , पोरवाल ने निवेदन किया कि रतलाम की जनता इस मेले मे ज्यादा से ज्यादा आये जिससे स्वदेशी वस्तुओं के प्रति जागरूकता बड़े, इसके लिए युवा वर्ग को भी आगे आना पड़ेगा।
    कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक सहित मंचासीन मालवा प्रान्त मेला प्रमुख गजेंद्र सिंह नारंग, वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर पोरवाल, मेला आयोजन समिति के श्रीकांत डोशी, ललित चोपडा, राजकमल दुबे, संजय बाफना, विशाल डांगी, थे, आभार स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक स्वतंत्र पाल सिंह देवड़ा ने किया और संचालन विकास सेवाल ने किया।

You missed

error: Content is protected !!