खबर पक्की, 5 नवंबर, रतलाम। केसीसी लोन की किस्त बकाया बताते हुए किसानों को डिफाल्टर घोषित करने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसान कलेक्ट्रेट में जमीन पर बैठ गए। कलेक्टर को बुलाने की मांग करने लगे। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर आए। किसानों की समस्या सुनी जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान माने।
दरअसल गांव नगरा मे जिला सहकारी बैंक की सोसायटी द्वारा 5 से 7 गांवों के किसानों को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। इस कारण किसानों को खाद भी नहीं मिल रही है। किसानों का कहना था कि हमारे द्वारा पूर्व में सोसायटी की बैंक से केसीसी लोन लिया था। लोन राशि जमा कराने के बाद भी बकाया बताई जा रही है। जबकि हमारे पास राशि जमा करने की रसीद व अन्य दस्तावेज भी है। 8 से 10 साल पुरानी राशि बकाया बताकर ब्याज जोड़ कर राशि वसूलने का दवाब बनाया जा रहा है।
खाद नहीं देने को लेकर विरोध में उतरे किसान
इस कारण डिफाल्टर घोषित कर खाद भी नहीं दिया जा रहा है। इसकी जांच की जाए। इस दौरान किसान नेता राजेश पुरोहित, नगरा के पूर्व सरपंच डॉ. फूलसिंह, चंद्रशेखर शर्मा, किसान विनोद प्रजापत, अशोक, राजपाल सिंह, देवीलाल अमलियार, मानवेंद्र लुनेरा, देवेंद्रसिंह, ईश्वरलाल चौधरी समेत 5 से 7 गांवों के किसान मौजूद थे।
29 अक्टूबर को किया था प्रदर्शन
29 अक्टूबर को भी किसानों ने नगरा में सोसायटी कार्यालय का ताला लगाकर धरना दिया था। मौके पर रतलाम से अधिकारी पहुंचे थे। जांच का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी भी की। किसानों ने सोसायटी द्वारा गबन का आरोप लगाया है।
केस दर्ज हुआ पर गिरफ्तारी नहीं
किसानों का कहना था कि गबन के मामले में सोसायटी के सेक्रटरी व बाबू के खिलाफ पूर्व में केस दर्ज हो चुका है। लेकिन आज तक वह लोग खुले घूम रहे है। कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन पर कार्रवाई होना चाहिए। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया इस मामले में पूर्व में एफआईआर हो चुकी है। जांच भी चल रही है। जैसे-जैसे डिफाल्टर किसान का निराकरण होता जा रहा है वैसे आगे की कार्रवाई की जा रही है।
डिफाल्टर बताकर नहीं दे रहे खाद : किसानों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, आरोप-सोसायटी ने किया गबन
