खबर पक्की : 30 सितंबर रतलाम,नगर निगम रतलाम द्वारा सैलाना बस स्टैंड ओवरब्रिज और शहर की कई प्रमुख सड़कों के डिवाइडरों पर प्लास्टिक गमलों में छोटे-छोटे पौधे लगाए गए हैं। पहली नज़र में यह पहल शहर को हरियाली से सजाने का प्रयास लगती है, लेकिन अब इस पर सवाल उठने लगे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि प्लास्टिक गमले तेज धूप और बरसात में ज्यादा दिन टिक नहीं पाते। ऐसे में कुछ ही महीनों में गमले फटने लगेंगे और पौधे भी रखरखाव के अभाव में सूख जाएँगे। यदि ऐसा हुआ तो यह पूरा अभियान जनता के धन का अपव्यय साबित होगा।
उठ रहे सवाल:
क्या नगर निगम ने इन पौधों की नियमित पानी व खाद व्यवस्था की है?
साधारण प्लास्टिक गमले धूप और बारिश में कितने समय तक चल पाएँगे?
जब डिवाइडरों पर स्थायी कंक्रीट प्लांटर या सीधा पौधारोपण संभव है तो अस्थायी प्लास्टिक गमले क्यों लगाए गए?
यदि ये पौधे 3–6 महीने में ही सूख गए तो जनता के पैसों का हिसाब कौन देगा?
शहरवासियों का कहना है कि निगम को सजावटी दिखावे की बजाय टिकाऊ और व्यावहारिक समाधान पर ध्यान देना चाहिए, ताकि शहर वास्तव में हरियाली से निखर सके।
