खबर पक्की, 26 सितंबर, रतलाम। चोरी की शंका में हत्या करने वाले 7 आरोपियों को रतलाम कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 3 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। सभी आरोपी विंड पॉवर एनर्जी सुजलोन कंपनी के कर्मचारी है। फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव की कोर्ट ने सुनाया है।
यह था मामला
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 31 अक्टूबर 2024 को सैलाना में गोधुलिया तालाब किनारे चेयर (कुर्सी) पर एक व्यक्ति का शव मिला था। शव को ऐसा रखा था कि वह व्यक्ति जीवित अवस्था में होकर सो रहा है।
लेकिन जब राहगीरों ने उसके पास जाकर देखा तो वह मृत अवस्था में था। सैलाना थाने पर सूचना दी। मृतक की पहचान मणिलाल पिता शंभु जी मईडा निवासी ग्राम रामपुरिया थाना सरवन के रूप में हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की।
आसपास के सीसीटीवी कैमरे देखे। पता चला कि कुछ लोग मृतक को मृत अवस्था में चेयर पर बैठा कर गए है। मृतक के शरीर एवं सिर में चोटें होना पाई गई, पीएम रिपोर्ट में भी शरीर पर 15 चोटें पाई। मारपीट के कारण चोटों से मौत होना पाया गया। पीएम रिपोर्ट के बाद पुलिस जांच में जुटी।
चोरी करने गया तो मारपीट की
पुलिस ने जांच में पाया औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत फतेगढ़ मगरे पर स्थित सुजलोन कंपनी के पंखों के पास केबल चोरी की शंका में कि मृतक मणीलाल को कर्मचारियों ने पकड़ा था। पुलिस ने 31 अक्टूबर 24 को सैलाना के गोधुलिया तालाब के आसपास के सीसीटीवी देखे। सीसीटीवी में एक बोलेरो से सात व्यक्ति उतरते हुए दिखे। जिन्होंने कुर्सी पर शव रख जले गए।
बाद में जांच के बाद शव रखने वालों की पहचान सुजलोन कंपनी का ड्राइवर जुझार डिंडोर, सुपरवाईजर संतोष कटारा, गार्ड रामसिंह गरवाल, गार्ड जगदीश मईडा, गार्ड धारजी कटारा, गार्ड जुझार मईडा, सुपरवाईजर कन्हैयालाल मईडा के रुप में हुई।
इन सभी ने मणीलाल के साथ चोरी की शंका में मारपीट की थी। आरोपी कर्मचारियों ने अपने बचाव व सबूत मिटाने एवं घटनास्थल को छिपाने के लिए मणीलाल के शव को कंपनी की बोलेरो गाड़ी में रख सैलाना के गोधुलिया तालाब किनारे चेयर पर लाकर छोड़ा था।
मामला रतलाम थाने भेजा
जांच के बाद पता चला कि घटना स्थल फतेहगढ़ सुजलोन कंपनी ऑफिस रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत है। तब सैलाना पुलिस ने केस को रतलाम थाना औद्योगिक क्षेत्र में भेजा। थाना औद्योगिक क्षेत्र ने अभियुक्तगणों के खिलाफ धारा 103(1), 238, 3(5) भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज किया।
पुलिस ने जांच कर 5 नवंबर 2014 को पूरा मामला उजागर किया। आवश्यक अनुसंधान व जांच पूर्ण करने के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में सुनवाई के बाद फैसला सुनाया।
इन्हें हुई सजा
- जुझार (32) पिता हरिशचंद्र डिंडोर, निवासी ग्राम फतेहगढ़।
- संतोष (36) पिता नाथुलाल कटारा निवासी ग्राम फतेहगढ़।
- कन्हैयालाल उर्फ कान्हा (49) पिता कोदर मईड़ा निवासी ग्राम ताजपुरिया।
- जगदीश (38) पिता बाबू मईड़ा निवासी ग्राम नेपाल।
- रामसिंह (45) पिता मनजी गरवाल निवासी ग्राम नेपाल।
- जुझार (40) पिता लूणा मईड़ा निवासी ग्राम नेपाल।
- धारजी (35) पिता हकरू कटारा निवासी ग्राम नेपाल।
- नए कानून के तहत हुई सुनवाई
अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि इस केस की एफआईआर व न्यायालय में सुनवाई 1 जुलाई 2024 से भारत में लागू नए कानून भारतीय न्याय संहिता के तहत हुई है। न्यायालय में गवाह प्रारंभ होने के 7 माह के अंदर ही कोर्ट ने फैसला सुना दिया।
