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बारिश से घरों व रास्तों में पानी भरा, धोलावड़ डेम के तीन गेट खोले गए, अब तक रतलाम जिले में 38 इंच से ज्यादा बारिश

BySurendra Jain

Sep 1, 2025

खबर पक्की, 1 सितंबर, रतलाम। जिले में 14 अगस्त से मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। आए दिन कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश हो रही है। सोमवार को रतलाम शहर के साथ ही जिले के सैलाना नगर, नामली नगर, जावरा नगर, ग्राम सरवन, कुंडा, बोदिना, हतनारा, नायन, सिखेड़ी, सरसी, अमलेटा, रावटी, धामनोद, बाजना सहित कई गांवों में जोरदार बारिश हुई। इससे नदी-नाले ऊफान पर आ गए तथा कई रास्तों व निचली बस्तियों के घरों, स्कूलों आदि में पानी भरने से हाहाकार हो गया और लोग परेशान होते रहे। अनेक स्थानों पर सुबह करीब छह बजे से करीब 11 बजे तक झमाझमा बारिश होती रही। भारी बारिश के चलते दोपहर करीब 12 बजे धोलावड़ डेम भी लबालब हो गया तथा उसके तीन गेट खोले गए। वहीं रतलाम के उसरगार से अमलेटा जाने वाले मार्ग पर पुलिया धंस गई है। जिले की नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
धोलावड़ डैम के खोले गए तीन गेट
रतलाम शहर में सुबह हुई जोरदार बारिश से कई सड़कों व निचले इलाकों में पानी भर गया और लोगों को आवागमन करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन रोड थाने के पीछे दो बत्ती पुलिस लाइन के घरों तथा जावरा रोड पर पुराने आरटीओ आफिस क्षेत्र के घरों में पानी भर गया। भारी बारिश के चलते सुबह कई विद्यार्थी स्कूल व कोचिंग सेंटर नहीं जा सके। उधर रावटी रेलवे स्टेशन के पास नाला ऊफान पर आने तथा ब्रिज में पानी भरने से ग्रामीणों व विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इन दिनों विद्यार्थियोँ खई त्रिमासिक परीक्षाएं चल रही है। कई विद्यार्थी समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाए। विद्यार्थियों व नागरिकों ने शासन से नाले पर पुलिया बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक शासन ने ध्यान नहीं दिया है। इस नाले के चलते आसपास के पांच से सात गावों के लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में परेशानी होती है। उधर, नामली में गढ़ के पीछे रहवासी इलाके के कई घरों तथा ग्राम धामनोद के गांधी चौक में पानी भरने से कई दुकानों में पानी घुस गया। महू-नीमच हाईवे से लगे उसरगार-अमलोटा मार्ग की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। उधर, बड़ावदा नगर में भी हाईस्कूल मार्ग पर दो-दो फीट पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामान करना पड़ा। जावरा नगर में भी जोरदार बारिश हुई जिससे मुख्य बाजार घंटाघर क्षेत्र में स्थित दुकानों में पानी भरने से व्यापारी परेशान होते रहे।
ग्राम बड़ावदी में स्थित नवग्रह शनि मंदिर के पास का नाला भी ऊफान पर आ गया तथा मंदिर परिसर में पानी घुसने से वहां रखा गेहूं, तेल व अनय् खाध्य सामान पानी में बहने से हजारों रुपए का नुकसान हो गया। एक ग्रामीण के अनुसार मंदिर परिसर में पिछली अमावस्या पर भंडारा आयोजित किया गया था, उस दौरान बची खाद्य सामग्री मंदिर परिसर में ही रखी थी, जो पानी में बह गई। जावरा तहसली के ग्राम सरसी में पुलिया पर पानी भरने से ग्राम डोडियाना, केरवासा, रघुनाथगढ़, खोखरा, पाताखेड़ी, खीमाखेड़ी के अनेक विद्यार्थी सरसी में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नहीं जा सके। सरसी-पाताखेड़ी पुलिया पर पानी भरने से काफी देर तक आवागमन बंद रहा।
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में 1 जून 2025 से अब तक 38.66 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि गत वर्ष इस अवधि तक 32.08 इंच बारिश हुई थी। जिले की सैलाना तहसील में अब तक सर्वाधिक 61.85. रावटी में 49.13, जावरा में 40.41, रतलाम में 38.70, बाजना में 32.08 इंच बारिश हो चुकी है तो आलोट तहसील में 25.82 तथा ताल तहसील में सबसे कम 19.01 इंच ही बारिश हुई है। जबकि गत वर्ष 2024 में इस अवधि तक सैलाना तहसील में 35.66, रावटी में 35.27, जावरा में 30.85, रतलाम में 32.79, बाजना में 43.32, आलोट में 31.61 व ताल तहसील में 27.08 इंच बारिश हुई थी।
सिखेड़ी । सोमवार सुबह 7 बजे से गाँव व आसपास के क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश ने ग्रामीण इलाकों में हाहाकार मचा दिया। कई निचले इलाकों में बने मकानों में पानी भर गया, जिससे लोग परेशान होकर इंद्रदेव से प्रार्थना करते दिखे कि बारिश थमे। भदवासा-सिखेड़ी रोड पर गंगायता नदी उफान पर होने से ग्रामीणों भयभीत हो गए। गांव का अन्य गांवों और जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। गंगायता नदी पर बड़ी पुल की मांग ग्रामीण कई वर्षों से करते आ रहे हैं लेकिन न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे है। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हुई। किसान चरणसिंह जाट के मकान में पानी भर जाने से काफी नुकसान हो गया। घर में रखी लहसुन व सोयाबीन की बोरियां भीगकर खराब हो गईं। ज्यादा बारिश से फसले भी खराब हो गई। ग्रामीणों ने शासन से त्वरित राहत और सहायता की मांग की है । ताकी नुकसान की भरपाई हो सके।

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