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एएसपी राकेश खाखा राष्ट्रपति पदक से सम्मानित, बिलपांक टीआई अयुब खान को मिला वीरता पुरस्कार, सीएम ने भोपाल में किया सम्मान

BySurendra Jain

Aug 16, 2025

खबर पक्की, 16 अगस्त, रतलाम। भोपाल में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में शुक्रवार 15 अगस्त को रतलाम के दो पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मानित किया। एएसपी राकेश खाखा को राष्ट्रपति पुलिस मेधावी सेवा पदक 2025 और बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार दिया गया। दोनों अधिकारियों की उपलब्धि पर रतलाम पुलिस ने बधाई दी।
एएसपी राकेश खाखा को पुलिस सेवा में 25 साल पूरे होने पर राष्ट्रपति पदक दिया गया। उनके पूरे कार्यकाल में न केवल साहसिक और उत्कृष्ट काम शामिल रहे, बल्कि उनके खिलाफ कोई आरोप भी नहीं लगा। इस कारण उन्हें मेधावी सेवा पदक के लिए चुना गया। इसकी घोषणा 7 माह पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने की थी।
पहले भी मिल चुका है पदक
राकेश खाखा को वर्ष 2022 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से उत्कृष्ट सेवा पदक भी मिल चुका है। वे 17 फरवरी 2000 को डीएसपी पद पर नियुक्त हुए थे और फिलहाल रतलाम एएसपी हैं। वे मूल रूप से बालाघाट जिले के बिलासपुर निवासी हैं। इंग्लैंड और स्कॉटलैंड से उच्च शिक्षा हासिल कर चुके खाखा बस्तर, बिलासपुर, ग्वालियर, दमोह, विदिशा, राजगढ़, बुरहानपुर, जबलपुर, इंदौर रेल, होशंगाबाद, मंडला, टीकमगढ़ और भोपाल में सेवाएं दे चुके हैं।
टीआई अयुब खान को मिला वीरता पुरस्कार
बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान को 2024 में घोषित राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार इस बार मिला। उन्हें यह सम्मान रतलाम में कुख्यात इनामी बदमाश दिलीप दिवेल को एनकाउंटर में मार गिराने के लिए दिया गया। दिवेल पर 6 लोगों की हत्या का आरोप था और उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
बदमाश का रतलाम में एनकाउंटर किया था
18 जून 2020 को रतलाम की डॉ. प्रेमकुंवर सिसौदिया की हत्या और 25 नवंबर 2020 को राजीव नगर में गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा और बेटी दिव्या की हत्या का आरोपी दिलीप दिवेल था। पुलिस ने 3 दिसंबर 2020 को उसकी घेराबंदी की। इस दौरान उसने फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने एनकाउंटर कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
मुठभेड़ में पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे
इस मुठभेड़ में तत्कालीन माणकचौक थाना प्रभारी और वर्तमान बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान, एसआई अनुराग यादव, साइबर सेल कांस्टेबल हिम्मतसिंह, विपुल भावसार और बलराम पाटीदार घायल हो गए थे। इस बहादुरी पर खान को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार दिया गया।

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