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करोड़ों का भूमि घोटाला सर्वे नंबर 269 /2 खरीदी और बेचते समय सर्वे नंबर 269/1 भी बेच दिया आपराधिक मामला दर्ज

BySurendra Jain

Aug 4, 2025

खबर पक्की : रतलाम 4 अगस्त शहर के चर्चित औ‌द्योगिक संस्थान मांहेश्वरी प्रोटीन प्राइवेट लिमिटेड की जमीन को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। वर्ष 2008 के आसपास उ‌द्योग बंद होने और भारी लेनदारियों के कारण कंपनी को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त परी समापक (Official Liquidator) के अधीन कर दिया गया था। समापक ने कंपनी की फैक्ट्री, मशीन, प्लांट और सर्वे नंबर 269/2 की भूमि को विधिवत प्रक्रिया के तहत अर्बन डेवलपमेंट ट्रस्ट कंपनी लिमिटेड को विक्रय कर दिया था, जिस पर वर्तमान में कॉलोनी विकसित हो चुकी है।

बिना विक्रय के ही बेच दी गई सर्वे नंबर 269 / 1 की 34000 वर्ग फीट जमीन

मामला तब गंभीर हुआ जब हाई कोर्ट इंदौर के परी समापक की शिकायत पर जांच में सामने आया कि फैक्ट्री से सटी सर्वे नंबर 269/1 की लगभग डेढ़ बीघा (करीब 34,000 वर्गफीट) भूमि का नामांतरण और विक्रय भी सर्वे नंबर 269/2 जो अर्बन डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई थी के साथ कर दिया गया, जबकि इस भूमि का विक्रय परी समापक द्वारा कभी नहीं किया गया था।

शिकायत के अनुसार, इस जमीन पर ट्रस्ट ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर पहले नामांतरण कराया और बाद में रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के द्वारा इसे गौरव मूणत को बेच दिया। गौरव मूणत ने बताया कि उन्होंने यह जमीन अर्बन डेवलपमेंट ट्रस्ट को बाकायदा विधिवत भुगतान करके खरीदी है। और मालिकाना हक के दस्तावेज अर्बन डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा ही बताए गए थे।

अर्बन डेवलपमेंट ट्रस्ट के निदेशकों पर कार्रवाई और जांच तेज

इस मामले में ट्रस्ट के गौशाला रोड स्थित तत्कालीन निदेशक जो अब इस दुनिया में नहीं है का नाम सामने आया था, जबकि वर्तमान निदेशक जयेश झालानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। बताया जाता है कि जमीन पर कब्जा और नामांतरण की कार्यवाही पूरी तरह संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर की गई थी। एक तरफ वैध दस्तावेजों का नामांतरण 56/57 को आधार बनाकर रोका जाता है वही ice फैक्ट्री और हाई कोर्ट इंदौर में अटैच भूमि फर्जी दस्तावेज के आधार पर बिक जाती है और उसका नामांतरण भी हो जाता है और शिकायत के आधार पर नाम हटा भी दिया जाता है इससे राजस्व विभाग की पूरी कार्य प्रणाली संदेह के घेरे में आ जाती है। इस मामले में अर्बन डेवलपमेंट ट्रस्ट के डायरेक्टर को मुख्य आरोपी बनाया गया है बताया जाता है कि इस मामले में उनसे पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछताछ भी हुई है और मामले में कई भारी भरकम लोगों के फोन भी आए हैं।

बताया जाता है कि यह खुला भूमि घोटाला है और उच्च न्यायालय के परीसमापक की अनुमति के बिना की गई इस फर्जीवाड़े की जांच आवश्यक है। शहर में यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय प्रशासन से कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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