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स्कूल में ताला लगाया, बाहर बैठे स्टूडेंट्स, कक्षा में छत का प्लास्टर उखड़ा

BySurendra Jain

Aug 2, 2025

खबर पक्की, 2 अगस्त, रतलाम। राजस्थान के झालावाड़ में जर्जर स्कूल हादसे के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने भी प्रदेश के जर्जर हालातों के स्कूलों में कक्षाएं लगाने से मना कर दिया है। इसके बावजूद रतलाम जिले में कई जर्जर व क्षतिग्रस्त कक्षों में में क्लासेस लगाई जा रही है।
ऐसे ही रतलाम के नामली के सीखेड़ी गांव में माध्यमिक सरकारी स्कूल भवन की हालात खराब होने पर शनिवार को एनएसयूआई ने पहुंचकर विरोध जताया। स्कूल के अंदर छत की हालात खराब व जर्जर स्थिति में होने पर विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर कर दिया।
स्कूल गेट पर ताला लगाकर बच्चों के साथ धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक एनएसयूआई पदाधिकारी बच्चों के साथ स्कूल के बाहर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अनिता सागर को भी कॉल किया। स्कूल की स्थिति के बारे में बताया। यहां तक लोक शिक्षण के आदेश का भी हवाला दिया।
प्रधानाध्यापिका ने कहा विभाग को दी जानकारी
पदाधिकारियों ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका कांता नीनामा से भी इस बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि विभाग को तीन से चार बार स्कूल की जर्जर स्थिति सुधारने को लेकर पत्राचार किया जा चुका है। स्कूल परिसर में प्रायमरी व माध्यमिक सेक्शन की भवन अलग-अलग बना है।
प्रायमरी सेक्शन के भवन तो ठीक है। लेकिन मिडिल सेक्शन की कक्षों की हालात खराब है। छत के प्लास्टर निकल रहा है इसलिये बाहर आ गए है।
नायब तहसीलदार पहुंचे
हंगामे व विरोध की सूचना पर नामली नायब तहसीलदार संदीप इवने स्कूल पहुंचे। पदाधिकारियों व स्कूल के जिम्मेदारों से बात की। नायब तहसीलदार ने दो शिफ्ट में टाइम मैनजेमेंट कर कक्षा लगाने को कहा। जर्जर रूम में कक्षा लगाने से मना किया।
इन्होंने किया विरोध
रतलाम ग्रामीण एनएसयूआई अध्यक्ष देवेंद्रसिंह सेजावता, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण मानवेंद्रसिंह लुनेरा, जितेंद्रसिंह चावड़ा, गोपाल गुर्जर, अरुण जाट, महेंद्रसिंह, विरेंद्र जाट, कपिल कुमावत समेत स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।
एनएसयूआई ग्रामीण अध्यक्ष देवेंद्रसिंह सेजावता ने बताया स्कूल के मिडिल सेक्शन के 2 रूम व एक हॉल में कक्षाएं लगाई जा रही है। कक्षा की छतों के प्लास्टर उखड़ रहे है , इसलिये बाहर निकल रहे। फिर भी बच्चों को उनके नीचे बैठाया जा रहा है। हमने बच्चों को कक्षा में से बाहर कर स्कूल के गेट पर ताला लगाया। बच्चों को लेकर धरने पर बैठे। अधिकारियों को समस्या बताई।

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