खबर पक्की, 10 जुलाई, रतलाम। बाजार बैठक तथा ₹1 ₹2 प्रति फीट की नियम विपरीत वसूली नगर निगम बंद करें । वरना सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा और उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी ।
कांग्रेस नेताओं ने निगम आयुक्त को ज्ञापन दिया । ज्ञापन में कहा गया कि कल एमआइसी की बैठक में परिषद में पारित संकल्प में संशोधन कर ₹30 के स्थान पर ₹20 तथा ₹50 के स्थान पर ₹30 लेने का प्रस्ताव किया गया । जबकि एमआइसी को परिषद में पारित संकल्प में संशोधन करने का अधिकार नहीं है । एमआइसी द्वारा संशोधित प्रस्ताव को परिषद की बैठक में रखकर पारित किए बिना उसे लागू नहीं किया जा सकता ।
पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कहा कि परिषद में पारित किए बिना बाजार बैठक वसूली करना अवैध है , रंगदारी है , अधिनियम के विपरीत है , तथा एक गम्भीर संज्ञेय अपराध है ।
सकलेचा ने कहा कि नगर निगम द्वारा 100 फीट जगह पर अस्थाई रूप से व्यापार करने वालो से एक रुपया प्रतिफीट तथा ज्यादा जगह पर रुपया दो प्रति फिट शुल्क प्रतिदिन अनुसार वसूल नहीं किया जा सकता । क्योंकि इस तरह का कोई भी प्रस्ताव परिषद में पारित नहीं किया गया । और पूर्व पारित बाजार बैठक के संकल्प में इसका उल्लेख नहीं है ।
पूर्व विधायक सकलेचा ने आयुक्त से कहा कि बाजार बैठक के लिए 29 मार्च को परिषद मे तथा 9 जुलाई की एमआइसी की बैठक में अपनाई गई प्रक्रिया विधि अनुसार नहीं है , जो निष्पक्षता , पारदर्शिता और खुलेपन की परीक्षा पर खरी नहीं उतरती है ।
उन्होंने कहा कि बाजार बैठक को अधिनियम के विपरीत पारित करने को लेकर चार माह पहले ज्ञापन दिया गया , वकील के माध्यम से नोटिस दिया गया , जिसका भी कोई जवाब नहीं दिया गया ।
सकलेचा ने बताया कि प्रमुख सचिव को शिकायत करने के बाद आयुक्त भोपाल ने संयुक्त संभागीय आयुक्त उज्जैन को पूरे प्रकरण में जांच कर प्रतिवेदन भेजने का कहा था । अभी जांच प्रक्रिया चल रही है , ऐसे में वसूली प्रारंभ करना गैर कानूनी है ।
सकलेचा ने प्रश्न किया कि परिषद में संकल्प पारित होने के तीन माह तक वसूली नहीं करना और अचानक वसूली शुरू करना भाजपा के नेताओं की हताशा का बता रहा है । छोटे गरीब व्यापारियों से 1000₹ से ₹5000 तक प्रतिमाह वसूलना भाजपा के पूंजीवादी चेहरे को उजागर करता है ।
नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा ने आयुक्त से कहा कि अगर वसूली बंद नहीं की गई तो सड़कों पर आंदोलन किया जायगा , उच्च न्यायालय इंदौर में चुनौती दी जायगी ।
आयुक्त अनिल भाना ने प्रतिनिधि मंडल से को बताया कि एमआईसी का प्रस्ताव उनके पास आएगा , उसका अध्ययन करने के बाद तथा पूर्व दिए गए पत्र तथा नोटिस का परीक्षण करने के बाद , जो भी प्रक्रिया बनती है , वह महापौर जी से चर्चा करने के बाद की जाएगी ।
प्रतिनिधि मंडल में पारस सकलेचा , शांतिलाल वर्मा , यासमीन सेरानी , कमरुद्दीन कछवाया, सलीम मोहम्मद बागवान, कविता महावर तथा शकील खान आदि शामिल थे थे ।

